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1अल–बिरूनी का जन्म सन् 973 में किस स्थान पर हुआ, जो आज उज़्बेकिस्तान में है?
Why: ख़्वारिज़्म शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र था, और अल–बिरूनी ने वहाँ उस समय की सबसे अच्छी शिक्षा पाई। ग़ज़नी वह बाद में आया: 1017 ई. में सुल्तान महमूद के ख़्वारिज़्म पर आक्रमण के बाद, बंधक के रूप में। तैंजियर इब्न बतूता का जन्मस्थान है, और मुल्तान इब्न बतूता के दिल्ली जाने के रास्ते में पड़ा।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 116, 118
2अल–बिरूनी की कृति किताब–उल–हिन्द किस भाषा में लिखी गई, और यह कितने अध्यायों में बँटी है?
Why: किताब–उल–हिन्द अरबी में है, इसकी भाषा सरल और स्पष्ट है, और यह अस्सी अध्यायों में बँटा एक विस्तृत ग्रंथ है। अल–बिरूनी संस्कृत जानता था और उसने कई संस्कृत कृतियों का अरबी में अनुवाद भी किया, पर अपनी यह कृति उसने अरबी में लिखी।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 116, 117
3किताब के अनुसार "हिंदू" शब्द किससे निकला?
Why: यह शब्द लगभग छठी–पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व के एक प्राचीन फ़ारसी शब्द से निकला। अरबों ने बाद में इस क्षेत्र को अल–हिंद कहा, और उसके भी बाद तुर्कों ने यहाँ के लोगों को हिंदू, क्षेत्र को हिंदुस्तान और भाषा को हिंदवी कहा। किताब के शब्दों में: "इनमें से कोई भी शब्द लोगों की धार्मिक पहचान का द्योतक नहीं था।"
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 117
4मोरक्को के यात्री इब्न बतूता का परिवार किस बात की विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध था?
Why: इब्न बतूता का जन्म तैंजियर के सबसे सम्मानित और शिक्षित परिवारों में से एक में हुआ, जो शरिया की विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध था। परिवार की परंपरा के अनुसार उसने कम उम्र में ही साहित्यिक और शास्त्ररूढ़ शिक्षा पाई। सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक उसकी विद्वता से प्रभावित हुआ और उसे दिल्ली का क़ाज़ी बनाया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 118
51342 ई. में सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक ने इब्न बतूता को अपने दूत के रूप में किसके पास जाने का आदेश दिया?
Why: दिल्ली में कई वर्ष क़ाज़ी रहने के बाद इब्न बतूता सुल्तान का विश्वास खो बैठा और कारागार में डाला गया। ग़लतफ़हमी दूर होने पर उसे फिर राजकीय सेवा में लिया गया, और 1342 ई. में सुल्तान के दूत के रूप में मंगोल शासक के पास चीन जाने का आदेश मिला। मालद्वीप उसके रास्ते में पड़ा, जहाँ वह अठारह महीनों तक क़ाज़ी रहा।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 118
61620 के दशक में व्यापक रूप से यात्राएँ करने वाला कौन–सा लेखक भारत से इतना सम्मोहित हुआ कि कुछ समय के लिए सन्यासी भी बन गया?
Why: 1400 से 1800 के बीच भारत आए यात्रियों ने फ़ारसी में कई यात्रा वृत्तांत लिखे। अब्दुर रज़्ज़ाक समरकंदी ने 1440 के दशक में दक्षिण भारत की यात्रा की। शेख़ अली हाज़िन 1740 के दशक में उत्तर भारत आया; वह अपने लिए उत्सवीय स्वागत की आशा कर रहा था, इसलिए भारत से निराश हुआ और घृणा भी करने लगा। तैवर्नियर एक फ्रांसीसी जौहरी था, जो कम से कम छह बार भारत आया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 121, 122
7फ्रांस्वा बर्नियर भारत में सबसे पहले किसका चिकित्सक रहा?
Why: बर्नियर 1656 से 1668 तक बारह वर्ष भारत में रहा। पहले वह दारा शिकोह का चिकित्सक रहा, और बाद में मुग़ल दरबार के एक आर्मीनियाई अमीर दानिशमंद ख़ान के साथ एक बुद्धिजीवी और वैज्ञानिक के रूप में। मुहम्मद बिन तुग़लक दिल्ली का वह सुल्तान था जिसने इब्न बतूता को क़ाज़ी बनाया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 118, 122
8बर्नियर के कार्य फ्रांस में कब छपे, जिसके बाद अगले पाँच वर्षों में अंग्रेज़ी, डच, जर्मन और इतालवी में उनका अनुवाद हो गया?
Why: बर्नियर के कार्य फ्रांस में 1670–71 में छपे, और 1670 और 1725 के बीच फ्रांसीसी में आठ बार दोबारा छपे। 1656 वह वर्ष है जब से वह भारत में रहा। 1684 तक उसके कार्य अंग्रेज़ी में तीन बार दोबारा छपे। 1800 से पहले सामान्यत: न छपने वाले वृत्तांत अरबी और फ़ारसी के थे, जो हस्तलिपियों के रूप में फैलते थे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 122, 123
9अल–बिरूनी ने भारत को समझने में जिन अवरोधों की चर्चा की, उनमें पहला अवरोध क्या था?
Why: अल–बिरूनी के अनुसार संस्कृत, अरबी और फ़ारसी से इतनी भिन्न थी कि विचारों और सिद्धांतों को एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद करना आसान नहीं था। दूसरा अवरोध धार्मिक अवस्था और प्रथा में भिन्नता थी, और तीसरा अभिमान। यात्रा के ख़तरे इब्न बतूता के वृत्तांत में आते हैं, अल–बिरूनी के अवरोधों में नहीं।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 119, 124
10जाति व्यवस्था की ब्राह्मणवादी व्याख्या मानने के बावजूद अल–बिरूनी ने किस मान्यता को प्रकृति के नियमों के विरुद्ध बताकर अस्वीकार किया?
Why: अल–बिरूनी के अनुसार हर वह वस्तु जो अपवित्र हो जाती है, अपनी पवित्रता की मूल स्थिति फिर से पाने का प्रयास करती है और सफल होती है: सूर्य हवा को स्वच्छ करता है, और समुद्र में नमक पानी को गंदा होने से बचाता है। वर्णों की उत्पत्ति उसने ग्रंथों के आधार पर स्रोत 5 में लिखी, और फ़ारस के वर्ग और इस्लाम की समानता उसकी तुलना के उदाहरण थे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 124, 125
11इब्न बतूता ने नारियल के वृक्ष (स्रोत 6) को अपने पाठकों के लिए किस वृक्ष जैसा बताया?
Why: उसके अनुसार नारियल के वृक्ष हू–बहू खजूर के वृक्ष जैसे दिखते हैं; अंतर बस इतना है कि एक से काष्ठफल मिलता है और दूसरे से खजूर। अंगूर–लता और जायफल स्रोत 7 में आते हैं: पान अंगूर–लता की तरह उगाया जाता है, और सुपारी जायफल जैसी होती है।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 126
12इब्न बतूता के वर्णन (स्रोत 8) के अनुसार देहली शहर के कितने द्वार थे?
Why: शहर के अट्ठाईस द्वार थे, जिन्हें दरवाज़ा कहा जाता था, और इनमें बदायूँ दरवाज़ा सबसे विशाल था। ग्यारह हाथ प्राचीर की दीवार की चौड़ाई है। बाईस वर्ष इब्न बतूता की उम्र थी जब वह तैंजियर से निकला, और मुल्तान से दिल्ली की यात्रा में चालीस दिन लगे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 118, 119, 127
13इब्न बतूता के वृत्तांत (स्रोत 9) में ताराबबाद क्या है?
Why: ताराबबाद दौलताबाद के सबसे विशाल और सुंदर बाज़ारों में से एक था। इसके बीच के विशाल गुंबद में हर गुरुवार सुबह की इबादत के बाद संगीतकारों के प्रमुख बैठते थे, और गायिकाएँ झुंडों में आकर गाती और नाचती थीं। मांडवी दरवाज़े के भीतर की अनाज मंडी देहली में थी (स्रोत 8)।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 127, 128
14इब्न बतूता के अनुसार सिंध से दिल्ली की यात्रा में लगभग पचास दिन लगते थे। गुप्तचरों की ख़बरें डाक व्यवस्था से सुल्तान तक कितने दिनों में पहुँच जाती थीं?
Why: इब्न बतूता डाक प्रणाली की कार्यकुशलता देखकर चकित हुआ। इससे व्यापारी लंबी दूरी तक सूचना भेज सकते थे, उधार प्रेषित कर सकते थे और कम सूचना पर माल भी भेज सकते थे। चालीस दिन मुल्तान से दिल्ली की यात्रा में लगे, और ग्वालियर से दिल्ली दस दिन में पहुँचा जा सकता था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 119, 129
15बर्नियर के अनुसार भारत और यूरोप के बीच मूल भिन्नताओं में से एक क्या थी?
Why: बर्नियर निजी स्वामित्व के गुणों में दृढ़ विश्वास रखता था, और भूमि पर राजकीय स्वामित्व को राज्य और उसके निवासियों, दोनों के लिए हानिकारक मानता था। बाकी विकल्प उसके अपने विवरण से कट जाते हैं: वह एक समृद्ध व्यापारिक समुदाय को रेखांकित करता है, मानता है कि पूरे विश्व से बड़ी मात्रा में बहुमूल्य धातुएँ भारत आती थीं, और मुग़लकालीन शहरों को शिविर नगर कहता है।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 130, 133, 134
16बर्नियर के वृत्तांत से प्राच्य निरंकुशवाद का सिद्धांत किसने विकसित किया?
Why: फ्रांसीसी दार्शनिक मॉन्टेस्क्यू के इस सिद्धांत के अनुसार एशिया में शासक अपनी प्रजा पर निर्बाध प्रभुत्व रखते थे। कार्ल मार्क्स ने उन्नीसवीं शताब्दी में एशियाई उत्पादन शैली का सिद्धांत दिया। अबुल फ़ज़्ल अकबर के काल का सरकारी इतिहासकार था, और पेलसर्ट सत्रहवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में आया एक डच यात्री।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 130, 132
17पश्चिमी भारत में व्यापारियों के समूह महाजन कहलाते थे। अहमदाबाद जैसे शहरी केंद्रों में सभी महाजनों का सामूहिक प्रतिनिधित्व करने वाला व्यापारिक समुदाय का मुखिया क्या कहलाता था?
Why: एक महाजन समूह का मुखिया सेठ कहलाता था, और अहमदाबाद जैसे शहरों में सभी महाजनों का मुखिया नगर सेठ। क़ाज़ी न्यायाधीश को कहते थे; इब्न बतूता दिल्ली में इसी पद पर रहा।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 118, 134
18सिंध पहुँचकर इब्न बतूता ने सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक को भेंट देने के लिए क्या खरीदा?
Why: किताब के शब्दों में उसने भेंटस्वरूप "घोड़े, ऊँट तथा दास" खरीदे। किशमिश के बादाम मुल्तान के गवर्नर को दी गई भेंट में थे: "किशमिश के बादाम के साथ एक दास और घोड़ा"। किताब इन उदाहरणों से दिखाती है कि बाज़ारों में दास किसी भी दूसरी वस्तु की तरह खुले आम बेचे जाते थे और नियमित रूप से भेंट में दिए जाते थे।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 135
19सभी समकालीन यूरोपीय यात्रियों के लिए महिलाओं से किया जाने वाला बर्ताव अकसर पश्चिमी और पूर्वी समाजों के बीच भिन्नता का एक महत्त्वपूर्ण संकेतक था। इसलिए बर्नियर ने किस प्रथा को विस्तृत विवरण के लिए चुना?
Why: बर्नियर ने लिखा कि कुछ महिलाएँ प्रसन्नता से मृत्यु को गले लगा लेती थीं, पर अन्य को मरने के लिए बाध्य किया जाता था। दासों और गायिकाओं के विवरण इब्न बतूता के वृत्तांत में हैं, और जाति व्यवस्था का विवरण अल–बिरूनी ने दिया।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 125, 128, 135
20किताब के अनुसार, यात्रियों के वृत्तांतों वाले काल (लगभग दसवीं से सत्रहवीं सदी) के भारत में व्यापारिक परिवारों से आने वाली महिलाओं के बारे में क्या पता चलता है?
Why: महिलाओं का श्रम कृषि में और कृषि के अलावा होने वाले उत्पादन, दोनों में महत्त्वपूर्ण था, और व्यापारिक परिवारों की महिलाएँ व्यापार में हिस्सा लेती थीं। इसीलिए किताब कहती है कि यह असंभाव्य लगता है कि महिलाओं को उनके घरों के खास स्थानों तक सीमित रखा जाता था।
Reference: NCERT, भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग II (कक्षा 12), विषय 5, पृष्ठ 135, 136

