इंटरैक्टिव अध्याय · विज्ञान, कक्षा 10 · अध्याय 1
रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
किताब के क्रियाकलाप यहाँ चित्रों में चलाकर देखिए: रंग बदलना, अवक्षेप बनना, गैस निकलना और ऊष्मा निकलना। फिर समीकरण लिखना और संतुलित करना सीखिए। हर पड़ाव के अंत में एक छोटी जाँच है।

इस्तेमाल कैसे करें
- हर क्रियाकलाप के चित्र के नीचे चलाइए दबाइए। चित्र के नीचे हर चरण लिखा आता है।
- समीकरण संतुलित करने वाले कार्ड में − और + से गुणांक बदलिए। जब हर तत्व की दोनों पट्टियाँ बराबर हो जाएँ, समीकरण संतुलित है।
- हर पड़ाव के अंत में छोटी जाँच है। सारे जवाब सही होने पर पड़ावों की सूची में वह पड़ाव पूरा दिखता है।
1रासायनिक अभिक्रिया की पहचान
इस पड़ाव का सवालपृ. 1–2
कैसे पता चले कि कोई रासायनिक अभिक्रिया हुई है?
दूध, लोहे का तवा, अंगूर, पकता भोजन, पचता भोजन और साँस: इन सबमें शुरू वाली चीज़ की प्रकृति और पहचान बदल जाती है। अब देखिए कि यह बदलाव कैसे पहचानते हैं।
क्रियाकलाप 1.1: मैग्नीशियम रिबन का दहनपृष्ठ 1–2
किताब का प्रयोग: लगभग 3–4 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से रगड़कर साफ़ कीजिए। उसे चिमटे से पकड़कर स्पिरिट लैंप या बर्नर पर जलाइए, और बने चूर्ण को वॉच ग्लास में इकट्ठा कीजिए।
- इस क्रियाकलाप में शिक्षक के सहयोग की आवश्यकता है। सुरक्षा के लिए छात्र आँखों पर चश्मा पहन लें तो उचित होगा।
- मैग्नीशियम रिबन का दहन करते समय इसे अपनी आँखों से यथासंभव दूर रखिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और देखिए कि रिबन जलने के बाद क्या बचता है।
Playमैग्नीशियम रिबन का वायु में दहन: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.1 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
चमकदार श्वेत लौ के साथ मैग्नीशियम रिबन का दहन होता है और यह श्वेत चूर्ण में परिवर्तित हो जाता है। यह मैग्नीशियम ऑक्साइड का चूर्ण है।
किताब का समीकरण
मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड (1.1)
2Mg + O₂ → 2MgO
मैग्नीशियम रिबन का दहनPlay15 सेकंडचिमटे में पकड़े मैग्नीशियम रिबन को ब्लोटॉर्च से जलाया जाता है; वह चमकदार श्वेत लौ के साथ जलता है। फिर जलते रिबन को ऑक्सीजन वाली परखनली में ले जाया जाता है।
Deni Ingilizovski. Video: Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0.
क्रियाकलाप 1.2: लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइडपृष्ठ 2, 13
किताब का प्रयोग: एक परखनली में लेड नाइट्रेट का विलयन लीजिए और उसमें पोटैशियम आयोडाइड का विलयन मिलाइए।
किताब पूछती है: अवक्षेप किस रंग का था? क्या आप अवक्षेपित यौगिक का नाम बता सकते हैं? (पृष्ठ 13)
क्या करना है: पहले अनुमान लगाइए कि अवक्षेप किस रंग का होगा। फिर चलाइए दबाइए।
- परखनली में लेड नाइट्रेट का विलयन
- पोटैशियम आयोडाइड का विलयन मिलाया
- अवक्षेप बनता है
क्या दिखता है
पीले रंग का अवक्षेप बनता है। यह लेड आयोडाइड (PbI₂) है।
किताब का समीकरण
Pb(NO₃)₂(aq) + 2KI(aq) → PbI₂(s) + 2KNO₃(aq)
यह बात NCERT की एक्ज़ेम्प्लर पुस्तक के अध्याय 1, प्रश्न 13 में भी लिखी है।

लेड नाइट्रेट के घोल में पोटैशियम आयोडाइड मिलाने पर बना अवक्षेप।
PRHaney. Image: Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.
क्रियाकलाप 1.3: दानेदार जिंक पर तनु अम्लपृष्ठ 2–3
किताब का प्रयोग: शंक्वाकार फ्लास्क या परखनली में दानेदार जिंक लेकर उसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल या सल्फ़्यूरिक अम्ल डालिए।
- अम्ल का इस्तेमाल सावधानी से कीजिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और जिंक के दानों के आस-पास देखिए।
Playदानेदार जस्ते पर तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.2 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
जिंक के दानों के आस-पास गैस के बुलबुले बनते हैं। यह हाइड्रोजन गैस है, जो कार्क में लगी काँच की नली से बाहर निकलती है।
किताब का समीकरण
जिंक + सल्फ़्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फ़ेट + हाइड्रोजन
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂ (1.3)

हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में जिंक: जिंक की सतह से गैस के बुलबुले उठते हैं।
Chemicalinterest. Public domain. Image: Wikimedia Commons.
रासायनिक अभिक्रिया के चार संकेत
क्रियाकलाप 1.1 से 1.3 के बाद किताब बताती है: इनमें से कोई भी बदलाव दिखे, तो समझिए कि रासायनिक अभिक्रिया हुई है (पृष्ठ 2)।
- अवस्था में परिवर्तन
- रंग में परिवर्तन
- गैस का निकास अथवा उत्सर्जन
- तापमान में परिवर्तन
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1मैग्नीशियम रिबन को वायु में जलाने पर किस रंग का चूर्ण बचता है?
रिबन चमकदार श्वेत लौ के साथ जलकर श्वेत चूर्ण, मैग्नीशियम ऑक्साइड, में बदल जाता है (पृष्ठ 2)।
2दानेदार जिंक पर तनु अम्ल डालने पर कौन-सी गैस निकलती है?
किताब के चित्र 1.2 का शीर्षक है: “दानेदार जस्ते पर तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस का निर्माण” (पृष्ठ 2)।
3लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड के विलयन मिलाने पर कौन-सा अवक्षेप बनता है?
लेड आयोडाइड का पीला अवक्षेप बनता है: Pb(NO₃)₂(aq) + 2KI(aq) → PbI₂(s) + 2KNO₃(aq) (पृष्ठ 13)।
4वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से साफ़ क्यों करते हैं?
सतह की परत हटने पर साफ़ मैग्नीशियम सीधे वायु की ऑक्सीजन से अभिक्रिया करता है (पृष्ठ 6 का प्रश्न 1)।
2रासायनिक समीकरण लिखना
इस पड़ाव का सवालपृ. 2–3
किसी अभिक्रिया को छोटे में, सूत्रों से कैसे लिखें?
पिछले पड़ाव में आपने मैग्नीशियम रिबन जलते देखा। अब उसी अभिक्रिया को पहले शब्दों में, फिर सूत्रों में लिखिए।
शब्द-समीकरण
क्रियाकलाप 1.1 को शब्दों में छोटा करके लिखिए। यह शब्द-समीकरण बनता है (पृष्ठ 2):
मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड (1.1)
- अभिकारक (reactants): जो पदार्थ अभिक्रिया में भाग लेते हैं; ये तीर के बाईं ओर (LHS) लिखे जाते हैं।
- उत्पाद (products): जो नए पदार्थ बनते हैं; ये तीर के दाईं ओर (RHS) लिखे जाते हैं।
- किताब कहती है: "तीर का सिरा उत्पाद की ओर होता है तथा यह अभिक्रिया होने की दिशा को दर्शाता है।"
शब्दों से संतुलित समीकरण तक
क्या करना है: अगला चरण दबाइए और देखिए कि शब्द-समीकरण कैसे संतुलित समीकरण बनता है।
चरण 1: शब्द-समीकरण
मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड (1.1)
अभिकारक बाईं ओर, उत्पाद दाईं ओर।
चरण 2: शब्दों की जगह सूत्र
Mg + O₂ → MgO (1.2)
बाईं ओर: Mg 1, O 2 · दाईं ओर: Mg 1, O 1. ऑक्सीजन बराबर नहीं है, इसलिए यह ढाँचा रासायनिक समीकरण (skeletal chemical equation) है। किताब इसे कंकाली समीकरण भी कहती है।
चरण 3: संतुलित समीकरण
2Mg + O₂ → 2MgO
बाईं ओर: Mg 2, O 2 · दाईं ओर: Mg 2, O 2. अब दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर हैं।
एक और उदाहरण: जिंक और सल्फ़्यूरिक अम्ल (पृष्ठ 3)
जिंक + सल्फ़्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फ़ेट + हाइड्रोजन
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂ (1.3)
दोनों ओर: Zn 1, H 2, S 1, O 4. यह समीकरण पहले से संतुलित है।
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1रासायनिक समीकरण में अभिकारक किस ओर लिखे जाते हैं?
अभिकारक बाईं ओर, उत्पाद दाईं ओर, और तीर का सिरा उत्पाद की ओर (पृष्ठ 3)।
2Mg + O₂ → MgO को ढाँचा रासायनिक समीकरण क्यों कहते हैं?
जिस समीकरण में दोनों ओर परमाणु बराबर न हों, वह ढाँचा (कंकाली) समीकरण है (पृष्ठ 3)।
3मैग्नीशियम के दहन के शब्द-समीकरण में उत्पाद कौन है?
मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड (1.1): तीर के दाईं ओर उत्पाद (पृष्ठ 2)।
3संतुलित रासायनिक समीकरण
इस पड़ाव का सवालपृ. 3–6
समीकरण के दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर कैसे करें?
पिछले पड़ाव में आपने Mg + O₂ → MgO लिखा। इसमें दोनों ओर ऑक्सीजन के परमाणु बराबर नहीं थे। अब उन्हें बराबर करना सीखिए।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम
किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है न ही विनाश।
इसलिए समीकरण के दोनों ओर हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर होनी चाहिए (पृष्ठ 3)।
सूत्र क्यों नहीं बदल सकते?
परमाणुओं की संख्या को बराबर करने के लिए हम अभिक्रिया में शामिल तत्वों तथा यौगिकों के सूत्रों को नहीं बदल सकते हैं।
ऑक्सीजन बराबर करने के लिए 4 H₂O लिखते हैं, H₂O₄ या (H₂O)₄ नहीं। गुणांक 4 बदलता है, सूत्र H₂O वही रहता है (पृष्ठ 4–5)।
किताब का तरीका: चरण 1 से 7
क्या करना है: चरण 1 से 7 तक बारी-बारी पढ़िए। हर चरण के नीचे उस समय का समीकरण है।
चरण 1
हर सूत्र के चारों ओर एक बॉक्स बनाइए। संतुलन करते समय बॉक्स के अंदर कुछ नहीं बदलना।
[Fe] + [H₂O] → [Fe₃O₄] + [H₂] (1.5)
चरण 2
हर तत्व के परमाणु दोनों ओर गिनिए।
Fe: 1 और 3 · H: 2 और 2 · O: 1 और 4
चरण 3
सबसे ज़्यादा परमाणुओं वाला यौगिक Fe₃O₄ है; उसकी ऑक्सीजन से शुरू कीजिए। बाईं ओर O 1 (H₂O में), दाईं ओर 4 (Fe₃O₄ में): H₂O के आगे 4 लगाइए। समीकरण आंशिक रूप से संतुलित हुआ।
[Fe] + [4 H₂O] → [Fe₃O₄] + [H₂] (1.6)
चरण 4
अब हाइड्रोजन: बाईं ओर 8 (4 H₂O में), दाईं ओर 2 (H₂ में)। H₂ के आगे 4 लगाइए।
[Fe] + [4 H₂O] → [Fe₃O₄] + 4[H₂] (1.7)
चरण 5
अब आयरन: बाईं ओर 1 (Fe में), दाईं ओर 3 (Fe₃O₄ में)। Fe के आगे 3 लगाइए।
3[Fe] + [4 H₂O] → [Fe₃O₄] + 4[H₂] (1.8)
चरण 6
दोनों ओर फिर गिनकर जाँचिए और बॉक्स हटाइए: दोनों ओर Fe 3, H 8, O 4। इस तरीके को हिट एंड ट्रायल विधि कहते हैं: सबसे छोटे पूर्ण गुणांक आज़माकर लगाए जाते हैं।
3 Fe + 4 H₂O → Fe₃O₄ + 4 H₂ (1.9)
चरण 7
अवस्था के संकेत लिखिए। यहाँ जल भाप के रूप में है, इसलिए H₂O(g)।
3Fe(s) + 4H₂O(g) → Fe₃O₄(s) + 4H₂(g) (1.10)
अवस्था के संकेत
किताब के संकेत (पृष्ठ 6): (s) ठोस, (l) द्रव, (g) गैस, (aq) जलीय विलयन। किताब यह भी कहती है: "प्रायः हर रासायनिक समीकरण में भौतिक अवस्था को शामिल नहीं किया जाता है, जब तक कि यह आवश्यक न हो।"
क्या करना है: हर सूत्र के नीचे का बटन दबाते जाइए, जब तक सही संकेत न आ जाए। फिर जाँचिए दबाइए।
(1.10), पृष्ठ 6
आयरन और Fe₃O₄ ठोस हैं; जल यहाँ भाप के रूप में है, इसलिए H₂O(g); हाइड्रोजन गैस है।
पृष्ठ 6 का प्रश्न 3 (i)
जल में घुले पदार्थ जलीय विलयन (aq) हैं; बेरियम सल्फ़ेट जल में अविलेय है और अवक्षेप (ठोस) बनता है, इसलिए BaSO₄(s)।
तीर के ऊपर और नीचे: अभिक्रिया की परिस्थितियाँ
CO(g) + 2H₂(g) ──340atm──→ CH₃OH(l)
तीर के ऊपर 340atm (पृष्ठ 6)।
6CO₂(aq) + 12H₂O(l) ──सूर्य–प्रकाश, क्लोरोफिल──→ C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(aq) + 6H₂O(l) (1.12)
किताब तीर के ऊपर सूर्य–प्रकाश और नीचे क्लोरोफिल लिखती है (पृष्ठ 6)।
किताब का प्रश्न पृष्ठ 6
वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?
उत्तर देखिए
ताकि रिबन की सतह की परत हट जाए और साफ़ मैग्नीशियम सीधे वायु की ऑक्सीजन से अभिक्रिया करे।
मैग्नीशियम वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है (पृष्ठ 2)। इसलिए खुले में रखे रिबन पर धीरे-धीरे एक परत चढ़ जाती है।
रेगमाल से रगड़ने पर यह परत हट जाती है, और रिबन चमकदार श्वेत लौ के साथ ठीक से जलता है।
पृष्ठ 1, 2
किताब का प्रश्न पृष्ठ 6
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:
- (i)हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड
- (ii)बेरियम क्लोराइड + ऐलुमीनियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + ऐलुमीनियम क्लोराइड
- (iii)सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन
उत्तर देखिए
तीनों संतुलित समीकरण, हर एक के नीचे परमाणुओं की गिनती:
- (i)
H2 + Cl2 → 2HCl
बाईं ओर H 2, Cl 2=दाईं ओर H 2, Cl 2
- (ii)
3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3
बाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12=दाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12
- (iii)
2Na + 2H2O → 2NaOH + H2
बाईं ओर Na 2, H 4, O 2=दाईं ओर Na 2, H 4, O 2
पृष्ठ 3–5
किताब का प्रश्न पृष्ठ 6
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:
- (i)जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फ़ेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप बनाते हैं
- (ii)सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।
उत्तर देखिए
विलयन के लिए (aq), अवक्षेप (ठोस) के लिए (s), जल के लिए (l):
- (i)
BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
बाईं ओर Ba 1, Cl 2, Na 2, S 1, O 4=दाईं ओर Ba 1, Cl 2, Na 2, S 1, O 4
- (ii)
NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l)
बाईं ओर Na 1, O 1, H 2, Cl 1=दाईं ओर Na 1, O 1, H 2, Cl 1
पृष्ठ 6
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂ के संतुलित रूप में गुणांक क्या हैं?
3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂: दोनों ओर Fe 3, H 8, O 4 (पृष्ठ 5)।
2ऑक्सीजन बराबर करने के लिए H₂O को H₂O₄ क्यों नहीं लिख सकते?
सही है 4 H₂O: गुणांक 4, सूत्र H₂O वही (पृष्ठ 4–5)।
33Fe(s) + 4H₂O(g) → Fe₃O₄(s) + 4H₂(g) में H₂O(g) का क्या अर्थ है?
(g) गैस का संकेत है; यहाँ जल भाप के रूप में है (पृष्ठ 6)।
4CO(g) + 2H₂(g) → CH₃OH(l) में तीर के ऊपर लिखा 340atm क्या है?
अभिक्रिया की परिस्थितियाँ तीर के ऊपर या नीचे लिखी जाती हैं, जैसे (1.12) में सूर्य–प्रकाश और क्लोरोफिल (पृष्ठ 6)।
4संयोजन अभिक्रिया
इस पड़ाव का सवालपृ. 7–8
जब दो पदार्थ मिलकर एक बनाते हैं, तब क्या होता है?
पिछले पड़ाव में आपने समीकरण संतुलित करना सीखा। अब अभिक्रियाओं के प्रकार देखिए। पहला प्रकार है संयोजन।
क्रियाकलाप 1.4: कैल्सियम ऑक्साइड पर जलपृष्ठ 7
किताब का प्रयोग: एक बीकर में थोड़ा कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) लेकर उसमें धीरे-धीरे जल डालिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और देखिए कि जल डालने पर क्या होता है।
Playजल के साथ कैल्सियम ऑक्साइड की अभिक्रिया: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.3 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके बुझे हुए चूने (कैल्सियम हाइड्रोक्साइड) का निर्माण करके अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है।
CaO(s) = बिना बुझा हुआ चूना, Ca(OH)₂(aq) = बुझा हुआ चूना। दो पदार्थों से एक ही उत्पाद बना, और ऊष्मा निकली।
किताब का समीकरण
CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा (1.13)
कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) पर पानीPlayलगभग पौने दो मिनटबीकर में कैल्सियम ऑक्साइड के टुकड़ों पर पानी डाला जाता है, और तापमापी (thermometer) पर तापमान तेज़ी से बढ़ता दिखता है।
Petrovskyz. Video: Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0.
जब दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) संयोग करके एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं, ऐसी अभिक्रियाओं को संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
ध्यान दीजिए: CaO = कैल्सियम ऑक्साइड = बिना बुझा हुआ चूना। पानी मिलने पर बनता है बुझा हुआ चूना, Ca(OH)₂ (पृष्ठ 7, 9)।
सफ़ेदी की दीवार चमकदार कैसे होती है
सफ़ेदी में लगा कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से धीरे-धीरे अभिक्रिया करके दीवारों पर कैल्सियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है (पृष्ठ 7):
Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l) (1.14)
संयोजन के दो और उदाहरण (पृष्ठ 7–8)
C(s) + O₂(g) → CO₂(g) (1.15): कोयले का दहन
2H₂(g) + O₂(g) → 2H₂O(l) (1.16): हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से जल
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (exothermic reaction)
जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है उन्हें ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
- प्राकृतिक गैस का दहन: CH₄(g) + 2O₂(g) → CO₂(g) + 2H₂O(g) + ऊर्जा (1.17)
- श्वसन: C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(aq) → 6CO₂(aq) + 6H₂O(l) + ऊर्जा
- किताब कहती है: "शाक-सब्जियों (वनस्पति द्रव्य) का विघटित होकर कंपोस्ट बनना भी ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का ही उदाहरण है।"
किताब पूछती है पृष्ठ 8
मैग्नीशियम रिबन के दहन (क्रियाकलाप 1.1) में एकल उत्पाद बनता है और ऊष्मा उत्पन्न होती है; यह किस प्रकार की अभिक्रिया है?
उत्तर देखिए
संयोजन अभिक्रिया, क्योंकि मैग्नीशियम और ऑक्सीजन से एक ही उत्पाद, मैग्नीशियम ऑक्साइड, बनता है; ऊष्मा निकलती है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी भी है।
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) पर जल डालने से क्या बनता है?
CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा (1.13) (पृष्ठ 7)।
2संयोजन अभिक्रिया में क्या होता है?
संयोजन में कई पदार्थ संयोग करके एक उत्पाद बनाते हैं (पृष्ठ 7)।
3सफ़ेदी की दीवार पर कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड किससे अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट की परत बनाता है?
Ca(OH)₂(aq) + CO₂(g) → CaCO₃(s) + H₂O(l) (1.14) (पृष्ठ 7)।
4इनमें से कौन-सी ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है?
श्वसन में ऊर्जा निकलती है; बाकी दोनों में ऊर्जा लगती है (पृष्ठ 8, 11)।
5वियोजन अभिक्रिया
इस पड़ाव का सवालपृ. 8–11
एक पदार्थ टूटकर कई पदार्थ कैसे बनाता है, और उसके लिए ऊर्जा कहाँ से आती है?
पिछले पड़ाव में आपने देखा कि संयोजन में कई पदार्थ मिलकर एक बनाते हैं। वियोजन इसका उलटा है।
वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती है। वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ देता है।

फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल (FeSO₄.7H₂O), गर्म करने से पहले।
W. Oelen. Image: Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.
क्रियाकलाप 1.5: फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल गर्म करनापृष्ठ 8–9
किताब का प्रयोग: एक शुष्क क्वथन नली में लगभग 2 g फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल लेकर बर्नर या स्पिरिट लैंप पर गर्म कीजिए।
- क्वथन नली के खुले सिरे को अपने पड़ोसी या अपनी ओर न करें
- गैस को धीमे से अपनी नाक की ओर मोड़ दीजिए
क्या करना है: चलाइए दबाइए और देखिए कि गर्म करने पर क्रिस्टल के साथ क्या होता है।
Playफ़ेरस सल्फ़ेट क्रिस्टल को गर्म करना: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.4 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
क्रिस्टल का हरा रंग बदल जाता है, और सल्फ़र के दहन से उत्पन्न होने वाली अभिलाक्षणिक (विशिष्ट) गंध आती है।
गर्म करने पर फ़ेरस सल्फ़ेट का क्रिस्टल (FeSO₄.7H₂O) पहले जल त्यागता है। फिर फ़ेरस सल्फ़ेट टूटकर फ़ेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃), सल्फ़र डाइऑक्साइड (SO₂) और सल्फ़र ट्राइऑक्साइड (SO₃) देता है।
किताब का समीकरण
2FeSO₄(s) ──ऊष्मा──→ Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g) (1.19)
चूना पत्थर का ऊष्मीय वियोजन (पृष्ठ 9)
कैल्सियम कार्बोनेट (चूना पत्थर) गर्म करने पर कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) और कार्बन डाइऑक्साइड में टूट जाता है। ऊष्मा से होने वाले वियोजन को ऊष्मीय वियोजन कहते हैं।
CaCO₃(s) ──ऊष्मा──→ CaO(s) + CO₂(g) (1.20)
क्रियाकलाप 1.6: लेड नाइट्रेट गर्म करनापृष्ठ 9
किताब का प्रयोग: एक क्वथन नली में लगभग 2 g लेड नाइट्रेट चूर्ण लेकर, नली को चिमटे से पकड़कर ज्वाला पर गर्म कीजिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और क्वथन नली के मुँह के ऊपर देखिए।
Playलेड नाइट्रेट का तापन: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.5 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
आप देखेंगे कि भूरे रंग का धुआँ उत्सर्जित होता है। यह नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) का धुआँ है।
किताब का समीकरण
2Pb(NO₃)₂(s) ──तापन──→ 2PbO(s) + 4NO₂(g) + O₂(g) (1.21)
क्रियाकलाप 1.7: जल का वैद्युत अपघटनपृष्ठ 10–11
किताब का प्रयोग: प्लास्टिक मग के तल में दो छिद्र करके उनमें रबड़ की डाट के सहारे कार्बन इलेक्ट्रोड लगाइए और उन्हें 6 वोल्ट की बैटरी से जोड़िए। मग में जल भरकर उसमें तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें डालिए, और जल से भरी दो अंशांकित परखनलियाँ इलेक्ट्रोडों पर उलटी रखिए।
- इस चरण को शिक्षक द्वारा सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए। फिर चित्र के बटन क्रम से दबाइए: जल डालिए, अम्ल की बूँदें डालिए, परखनलियाँ उल्टी रखिए, स्विच ऑन कीजिए। दोनों परखनलियों में गैस की मात्रा की तुलना कीजिए।
Playजल का वैद्युत अपघटन: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.6 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
दोनों इलेक्ट्रोडों पर गैस के बुलबुले बनते हैं और परखनलियों का जल नीचे धकेलते हैं। ऐनोड वाली परखनली में ऑक्सीजन और कैथोड वाली में हाइड्रोजन इकट्ठी होती है; हाइड्रोजन की मात्रा ऑक्सीजन से दोगुनी है (पृष्ठ 11 का प्रश्न 2)।
जल के सूत्र H₂O से बना समीकरण:
किताब का समीकरण
2H₂O(l) ──विद्युत──→ 2H₂(g) + O₂(g)
क्रियाकलाप 1.8: धूप में सिल्वर क्लोराइडपृष्ठ 10
किताब का प्रयोग: चायना डिश में लगभग 2 g सिल्वर क्लोराइड लेकर उसे कुछ समय सूर्य के प्रकाश में रखिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और सिल्वर क्लोराइड का रंग देखिए।
Playसूर्य के प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.7 का दृश्य। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर दृश्य को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
सूर्य के प्रकाश में श्वेत रंग का सिल्वर क्लोराइड धूसर रंग का हो जाता है।
किताब का समीकरण
2AgCl(s) ──सूर्य का प्रकाश──→ 2Ag(s) + Cl₂(g) (1.22)
2AgBr(s) ──सूर्य का प्रकाश──→ 2Ag(s) + Br₂(g) (1.23)
किताब पूछती है पृष्ठ 10
सिल्वर क्लोराइड और सिल्वर ब्रोमाइड का वियोजन किस प्रकार की ऊर्जा से होता है?
उत्तर देखिए
सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा से।
इन अभिक्रियाओं का उपयोग श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफी में होता है (पृष्ठ 10)।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया (endothermic reaction)
वियोजन अभिक्रिया में अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा अवशोषित होती है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।
किताब का एक और क्रियाकलाप: बेरियम हाइड्रॉक्साइड और अमोनियम क्लोराइडपृष्ठ 11
किताब का प्रयोग: एक परखनली में लगभग 2 g बेरियम हाइड्रॉक्साइड लेकर उसमें 1 g अमोनियम क्लोराइड डालिए और काँच की छड़ से मिलाइए। फिर हथेली से परखनली का निचला सिरा छूइए।
किताब पूछती है: आप कैसा महसूस करते हैं? क्या यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अथवा ऊष्माशोषी है?
क्या करना है: चलाइए दबाइए और देखिए कि किताब क्या करने को कहती है। हथेली पर परखनली गर्म लगे तो ऊष्मा निकली (ऊष्माक्षेपी); ठंडी लगे तो ऊर्जा अवशोषित हुई (ऊष्माशोषी)।
- परखनली में बेरियम हाइड्रॉक्साइड
- अमोनियम क्लोराइड डालकर काँच की छड़ से मिलाया
- अब हथेली से निचला सिरा छूइए
क्या दिखता है
दोनों चूर्ण काँच की छड़ से मिला दिए गए हैं। परखनली गर्म लगती है या ठंडी, यह प्रयोगशाला में हथेली से छूकर ख़ुद देखिए।
किताब का प्रश्न पृष्ठ 11
किसी पदार्थ 'X' के विलयन का उपयोग सफ़ेदी करने के लिए होता है।
- (i)पदार्थ 'X' का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।
- (ii)ऊपर (i) में लिखे पदार्थ 'X' की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर देखिए
'X' कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) है। जल के साथ यह बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) बनाता है, और बुझे हुए चूने के विलयन से सफ़ेदी होती है।
- (i)
नाम: कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना); सूत्र: CaO
- (ii)
जल के साथ अभिक्रिया:
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा (1.13)
इससे बना कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, Ca(OH)₂, दीवार पर वायु की CO₂ से कैल्सियम कार्बोनेट की चमकदार परत बनाता है (1.14)।
पृष्ठ 7
किताब का प्रश्न पृष्ठ 11
क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।
उत्तर देखिए
दोगुनी मात्रा वाली गैस हाइड्रोजन है, क्योंकि जल (H₂O) में हर ऑक्सीजन परमाणु के साथ हाइड्रोजन के दो परमाणु होते हैं।
जल के सूत्र H₂O से वियोजन का संतुलित समीकरण बनता है:
2H2O(l) → 2H2(g) + O2(g)
बाईं ओर H 4, O 2=दाईं ओर H 4, O 2
यानी जल टूटने पर ऑक्सीजन के हर एक अणु (O₂) के साथ हाइड्रोजन के दो अणु (2H₂) बनते हैं। इसलिए हाइड्रोजन (कैथोड वाली परखनली) की मात्रा ऑक्सीजन (ऐनोड वाली परखनली) से दोगुनी होती है।
पृष्ठ 10, 11
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1शुष्क क्वथन नली में फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल गर्म करने पर क्या दिखता है?
क्रिस्टल का हरा रंग बदलता है और सल्फ़र के दहन जैसी विशिष्ट गंध आती है (पृष्ठ 8)। भूरा धुआँ लेड नाइट्रेट से निकलता है।
2लेड नाइट्रेट गर्म करने पर निकलने वाला भूरा धुआँ किस गैस का है?
2Pb(NO₃)₂(s) → 2PbO(s) + 4NO₂(g) + O₂(g) (1.21): भूरा धुआँ NO₂ का है (पृष्ठ 9)।
3जल के वैद्युत अपघटन (क्रियाकलाप 1.7) में किस गैस की मात्रा दोगुनी होती है?
कैथोड पर इकट्ठी हाइड्रोजन, ऑक्सीजन से दोगुनी है; 2H₂O(l) → 2H₂(g) + O₂(g) में भी H₂ के 2 अणु और O₂ का 1 (पृष्ठ 10, 11)।
4सूर्य के प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड का रंग कैसे बदलता है?
सूर्य के प्रकाश में श्वेत सिल्वर क्लोराइड धूसर हो जाता है (पृष्ठ 10)।
6विस्थापन और द्विविस्थापन
इस पड़ाव का सवालपृ. 11–13
एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से कैसे हटाता है?
पिछले पड़ावों में आपने संयोजन और वियोजन देखे। अब दो और प्रकार देखिए: विस्थापन और द्विविस्थापन।
क्रियाकलाप 1.9: कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में लोहे की कीलपृष्ठ 11–12
किताब का प्रयोग: रेगमाल से साफ़ की हुई लोहे की तीन कीलें लीजिए। परखनली A और B में लगभग 10 mL कॉपर सल्फ़ेट का विलयन लीजिए। दो कीलों को धागे से बाँधकर परखनली B के विलयन में लगभग 20 मिनट डुबोइए; एक कील तुलना के लिए बाहर रखिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और कील तथा विलयन का रंग देखिए। परखनली A और B की तुलना कीजिए।
Playकॉपर सल्फ़ेट के विलयन में लोहे की कीलें: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.8 (a) और (b) का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
परखनली B की कील भूरे रंग की हो जाती है, और B के विलयन का नीला रंग मलीन पड़ जाता है। परखनली A का विलयन गहरा नीला ही रहता है।
किताब कहती है: लोहे ने "दूसरे तत्व कॉपर को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन से विस्थापित कर दिया या हटा दिया।"
किताब का समीकरण
Fe(s) + CuSO₄(aq) → FeSO₄(aq) + Cu(s) (1.24)

कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में लोहे की कील।
H. Hoffmeister. Image: Wikimedia Commons, GFDL.
जब कोई एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया होती है।
विस्थापन के दो और उदाहरण (पृष्ठ 12)
Zn(s) + CuSO₄(aq) → ZnSO₄(aq) + Cu(s) (1.25)
Pb(s) + CuCl₂(aq) → PbCl₂(aq) + Cu(s) (1.26)
किताब कहती है: "जिंक तथा लेड, कॉपर की अपेक्षा अधिक क्रियाशील तत्व हैं। वे कॉपर को उसके यौगिक से विस्थापित कर देते हैं।"
क्रियाकलाप 1.10: सोडियम सल्फ़ेट और बेरियम क्लोराइडपृष्ठ 12–13
किताब का प्रयोग: एक परखनली में लगभग 3 mL सोडियम सल्फ़ेट का विलयन और दूसरी में 3 mL बेरियम क्लोराइड का विलयन लेकर दोनों को मिलाइए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और देखिए कि दोनों विलयन मिलाने पर क्या बनता है।
Playबेरियम सल्फ़ेट तथा सोडियम क्लोराइड का निर्माण: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.9 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
आप देखेंगे कि श्वेत रंग के एक पदार्थ का निर्माण होता है, जो जल में अविलेय है। इस अविलेय पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं।
किताब का समीकरण
Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) (1.27)
द्विविस्थापन अभिक्रिया (double displacement reaction)
वे अभिक्रियाएँ, जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, उन्हें द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ कहते हैं।
सोडियम सल्फ़ेट और बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया में Ba²⁺ और SO₄²⁻ से BaSO₄ का अवक्षेप बनता है; दूसरा उत्पाद सोडियम क्लोराइड विलयन में ही रहता है (पृष्ठ 13)।
अवक्षेपण अभिक्रिया
जिस अभिक्रिया में अवक्षेप बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं। किताब के सार में: "अवक्षेपण अभिक्रिया से अविलेय लवण प्राप्त होता है।" समीकरण (1.27) द्विविस्थापन भी है और अवक्षेपण भी।
किताब पूछती है पृष्ठ 13
क्रियाकलाप 1.2 में लेड (II) नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड के विलयन मिलाए गए थे।
- (i)अवक्षेप किस रंग का था, और अवक्षेपित यौगिक का नाम क्या है?
- (ii)इस अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
- (iii)क्या यह भी द्विविस्थापन अभिक्रिया है?
उत्तर देखिए
हाँ, लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड की अभिक्रिया द्विविस्थापन अभिक्रिया है, क्योंकि दोनों अभिकारक आपस में आयन बदलते हैं।
- (i)
अवक्षेप पीले रंग का होता है, और यह लेड आयोडाइड (PbI₂) है। आयनों के आदान-प्रदान से लेड आयोडाइड (PbI₂) और पोटैशियम नाइट्रेट (KNO₃) बनते हैं। पीले अवक्षेप की बात NCERT की एक्ज़ेम्प्लर पुस्तक के अध्याय 1, प्रश्न 13 में है।
- (ii)
Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq)
बाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2=दाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2
- (iii)
हाँ: लेड, आयोडाइड से जुड़ता है और पोटैशियम, नाइट्रेट से।
पृष्ठ 2, 13
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में लोहे की कील डुबोने पर कील किस रंग की हो जाती है?
लोहा, कॉपर सल्फ़ेट से कॉपर को हटाता है, और वह कॉपर कील पर जम जाता है (पृष्ठ 11, 12)।
2जिंक और लेड, कॉपर को उसके यौगिक से क्यों हटा देते हैं?
अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है (पृष्ठ 12)।
3Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq) किस प्रकार की अभिक्रिया है?
आयनों का आदान-प्रदान होता है और श्वेत अवक्षेप BaSO₄ बनता है (पृष्ठ 13)।
4अवक्षेप किसे कहते हैं?
जल में अविलेय पदार्थ अवक्षेप है; जिस अभिक्रिया में यह बने, वह अवक्षेपण अभिक्रिया (पृष्ठ 13)।
7उपचयन और अपचयन
इस पड़ाव का सवालपृ. 13–14
किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि या ह्रास का क्या नाम है?
क्रियाकलाप 1.1 में आपने देखा कि मैग्नीशियम, ऑक्सीजन से जुड़कर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। अब ऐसी अभिक्रियाओं का नाम जानिए।
क्रियाकलाप 1.11: कॉपर चूर्ण गर्म करनापृष्ठ 13
किताब का प्रयोग: चायना डिश में लगभग 1 g कॉपर चूर्ण लेकर, डिश को तिपाई पर रखी जाली के ऊपर बर्नर से गर्म कीजिए।
क्या करना है: चलाइए दबाइए और कॉपर चूर्ण की सतह देखिए।
Playकॉपर का कॉपर ऑक्साइड में उपचयन: 3D चित्र
किताब के चित्र 1.10 का उपकरण। बटन क्रम से दबाइए; उँगली या माउस से खींचकर उपकरण को घुमाइए।
3D figure: Colorfigures (April Zhu), MIT licence.
क्या दिखता है
कॉपर चूर्ण की सतह पर कॉपर ऑक्साइड (II) की काली परत चढ़ जाती है।
गर्म कॉपर ऑक्साइड पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर काली परत फिर भूरी हो जाती है (समीकरण 1.29)।
किताब का समीकरण
2Cu + O₂ ──तापन──→ 2CuO (1.28)
CuO + H₂ ──तापन──→ Cu + H₂O (1.29)

गर्म की गई कॉपर की पट्टी पर काला कॉपर ऑक्साइड।
Mauro Cateb. Image: Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.
अभिक्रिया के समय जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है तो कहते हैं कि उसका उपचयन हुआ है।
जब अभिक्रिया में किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास होता है तो कहते हैं कि उसका अपचयन हुआ है।
एक ही अभिक्रिया में उपचयन और अपचयनपृष्ठ 13–14
क्या करना है: चलाइए दबाइए और देखिए कि ऑक्सीजन किससे हटती है और किससे जुड़ती है।
- CuO और H₂ को गर्म किया
- CuO से ऑक्सीजन हटी: अपचयन
- H₂ से ऑक्सीजन जुड़ी: उपचयन
CuO + H₂ ──तापन──→ Cu + H₂O (1.30)
हाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि हुई (H₂ से H₂O): उपचयन। कॉपर ऑक्साइड से ऑक्सीजन का ह्रास हुआ (CuO से Cu): अपचयन।
किसी अभिक्रिया में एक अभिकारक उपचयित तथा दूसरा अभिकारक अपचयित होता है। इन अभिक्रियाओं को उपचयन-अपचयन अथवा रेडॉक्स अभिक्रियाएँ कहते हैं।
- ZnO + C → Zn + CO (1.31): कार्बन का उपचयन होकर CO बनता है, और ZnO का अपचयन होकर Zn।
- MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + 2H₂O + Cl₂ (1.32): किताब कहती है: "अभिक्रिया (1.32) में HCl, Cl₂ में उपचयित तथा MnO₂, MnCl₂ में अपचयित हुआ है।"
पदार्थ का उपचयन तब होता है, जब उसमें ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन का ह्रास होता है। पदार्थ का अपचयन तब होता है, जब उसमें ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि होती है।
किताब पूछती है पृष्ठ 14
मैग्नीशियम रिबन वायु (ऑक्सीजन) में चमकदार ज्वाला के साथ जलकर श्वेत मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है (क्रियाकलाप 1.1)। इसमें मैग्नीशियम का उपचयन होता है या अपचयन?
उत्तर देखिए
उपचयन, क्योंकि मैग्नीशियम में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है।
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1कॉपर चूर्ण को चायना डिश में गर्म करने पर उसकी सतह पर क्या बनता है?
2Cu + O₂ → 2CuO (1.28): कॉपर में ऑक्सीजन जुड़ी, यानी उपचयन (पृष्ठ 13)।
2CuO + H₂ → Cu + H₂O में किसका उपचयन होता है?
हाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि हुई, इसलिए उपचयन; CuO का अपचयन हुआ (पृष्ठ 13–14)।
3ZnO + C → Zn + CO में किसका अपचयन होता है?
ZnO से ऑक्सीजन का ह्रास होकर Zn बनता है; कार्बन उपचयित होकर CO बनता है (1.31) (पृष्ठ 14)।
4किसी पदार्थ में हाइड्रोजन की वृद्धि को क्या कहते हैं?
अपचयन: ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि (पृष्ठ 14)।
8दैनिक जीवन में उपचयन
इस पड़ाव का सवालपृ. 14–15
उपचयन रोज़ की ज़िंदगी में कहाँ दिखता है?
पिछले पड़ाव में आपने देखा कि उपचयन में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है। अब देखिए कि इसका धातुओं और खाने पर क्या असर होता है।
संक्षारण (corrosion)
- नई लोहे की वस्तुएँ चमकदार होती हैं, पर कुछ समय बाद उन पर लालिमायुक्त भूरे रंग की परत चढ़ जाती है। इसे लोहे पर जंग लगना कहते हैं (पृष्ठ 14)।
- चाँदी पर काली परत और ताँबे पर हरी परत भी संक्षारण के उदाहरण हैं।
- संक्षारण से कार के ढाँचे, पुल, लोहे की रेलिंग और जहाज़ को बहुत क्षति होती है। किताब कहती है: "लोहे का संक्षारण एक गंभीर समस्या है।"

लोहे पर जंग।
Laitr Keiows. Image: Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.

ताँबे पर हरी परत: न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी।
Elcobbola. Image: Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.
विकृतगंधिता (rancidity)
- किताब कहती है: "उपचयित होने पर तेल एवं वसा विकृतगंधी हो जाते हैं तथा उनके स्वाद तथा गंध बदल जाते हैं।"
- इसे धीमा करने के तरीके: तेल और वसा वाले खाद्य पदार्थों में उपचयन रोकने वाले पदार्थ, प्रति ऑक्सीकारक (antioxidant), मिलाना; खाने को वायुरोधी बर्तन में रखना; और चिप्स की थैली से ऑक्सीजन हटाकर उसमें नाइट्रोजन जैसी कम सक्रिय गैस भरना (पृष्ठ 15)।
किताब का प्रश्न पृष्ठ 15
जब लोहे की कील को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर देखिए
क्योंकि लोहा, कॉपर सल्फ़ेट के विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है, और नीला कॉपर सल्फ़ेट का विलयन आयरन सल्फ़ेट के विलयन में बदल जाता है।
Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) (1.24)
विलयन का नीला रंग कॉपर सल्फ़ेट के विलयन का है। कॉपर सल्फ़ेट जितना आयरन सल्फ़ेट में बदलता है, नीला रंग उतना मलीन पड़ता जाता है।
हटा हुआ कॉपर कील पर जमता है, इसलिए कील का रंग भूरा हो जाता है।
पृष्ठ 11, 12
किताब का प्रश्न पृष्ठ 15
क्रियाकलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखिए
लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड की अभिक्रिया (क्रियाकलाप 1.2):
Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq)
बाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2=दाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2
दोनों अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, और लेड आयोडाइड का अवक्षेप बनता है।
पृष्ठ 13
किताब का प्रश्न पृष्ठ 15
निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए:
- (i)4Na(s) + O2(g) → 2Na2O(s)
- (ii)CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l)
उत्तर देखिए
जिस पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि हो वह उपचयित, जिससे ऑक्सीजन का ह्रास हो वह अपचयित:
- (i)
सोडियम (Na) में ऑक्सीजन की वृद्धि होकर Na₂O बनता है, इसलिए सोडियम उपचयित है। एक अभिकारक उपचयित हो तो दूसरा अपचयित होता है, इसलिए ऑक्सीजन (O₂) अपचयित है।
- (ii)
कॉपर ऑक्साइड (CuO) से ऑक्सीजन का ह्रास होकर Cu बनता है, इसलिए CuO अपचयित है; हाइड्रोजन (H₂) में ऑक्सीजन की वृद्धि होकर H₂O बनता है, इसलिए H₂ उपचयित है।
पृष्ठ 13, 14
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
Checkpoint✓ Stop complete
1लोहे पर लगी जंग किस रंग की परत होती है?
नई लोहे की वस्तुओं पर कुछ समय बाद लालिमायुक्त भूरे रंग की परत चढ़ती है (पृष्ठ 14)।
2ताँबे पर संक्षारण से किस रंग की परत चढ़ती है?
ताँबे पर हरी परत; चाँदी पर काली परत (पृष्ठ 14)।
3चिप्स की थैली में नाइट्रोजन क्यों भरी जाती है?
ऑक्सीजन हटाकर नाइट्रोजन जैसी कम सक्रिय गैस भरने से विकृतगंधिता रुकती है (पृष्ठ 15)।
अअभ्यास
इस पड़ाव का सवालपृ. 15–18
क्या आप पूरा अध्याय अपने शब्दों में लिख सकते हैं?
आठों पड़ावों की बातें यहाँ एक जगह हैं, किताब के अभ्यास के 20 प्रश्नों के साथ।
आपने क्या सीखा: फ्लैशकार्ड
क्या करना है: हर फ्लैशकार्ड पर टैप करके उसका अर्थ देखिए।
अभ्यास के 20 प्रश्न, जवाब के साथ
पहले हर प्रश्न का उत्तर कॉपी में ख़ुद लिखिए। फिर उत्तर देखिए खोलकर मिलाइए।
1नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?
2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO2(g)
- (a)सीसा अपचयित हो रहा है।
- (b)कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।
- (c)कार्बन उपचयित हो रहा है।
- (d)लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: (i) (a) एवं (b)
सीसा (Pb) और कार्बन डाइऑक्साइड उत्पाद हैं। अपचयित लेड ऑक्साइड होता है (PbO से ऑक्सीजन का ह्रास) और उपचयित कार्बन (C में ऑक्सीजन की वृद्धि), इसलिए (c) और (d) सत्य, (a) और (b) असत्य हैं।
2Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe
ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया
ऐल्युमिनियम, आयरन ऑक्साइड (Fe₂O₃) से आयरन को हटाकर ऐल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) बनाता है: एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है।
3लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
जैसे दानेदार जिंक पर तनु अम्ल डालने से हाइड्रोजन गैस निकलती है (क्रियाकलाप 1.3) और मैग्नीशियम, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से मैग्नीशियम क्लोराइड और हाइड्रोजन देता है (प्रश्न 8 d), वैसे ही लोहा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से आयरन क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस देता है।
4संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर देखिए
जिस रासायनिक समीकरण में बाईं और दाईं ओर हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो, वह संतुलित रासायनिक समीकरण है।
उदाहरण: Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2 (1.3) में दोनों ओर Zn 1, H 2, S 1, O 4 हैं।
क्यों आवश्यक: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है। इसलिए उत्पादों के तत्वों का कुल द्रव्यमान, अभिकारकों के तत्वों के कुल द्रव्यमान के बराबर होना चाहिए, यानी दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर हों।
ढाँचा समीकरण Mg + O2 → MgO (1.2) में ऑक्सीजन बाईं ओर 2 और दाईं ओर 1 है, इसलिए वह संतुलित नहीं है।
पृष्ठ 3, 15
5निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए।
- (a)नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है।
- (b)हाइड्रोजन सल्फ़ाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फ़र डाइऑक्साइड बनता है।
- (c)ऐल्युमिनियम सल्फ़ेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐल्युमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप देता है।
- (d)पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।
उत्तर देखिए
हर कथन का संतुलित समीकरण, परमाणुओं की गिनती के साथ:
- (a)
N2 + 3H2 → 2NH3
बाईं ओर N 2, H 6=दाईं ओर N 2, H 6
- (b)
2H2S + 3O2 → 2H2O + 2SO2
बाईं ओर H 4, S 2, O 6=दाईं ओर H 4, S 2, O 6
- (c)
बेरियम क्लोराइड, ऐल्युमिनियम सल्फ़ेट के साथ अभिक्रिया करके ऐल्युमिनियम क्लोराइड और बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप देता है:
3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3
बाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12=दाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12
- (d)
2K + 2H2O → 2KOH + H2
बाईं ओर K 2, H 4, O 2=दाईं ओर K 2, H 4, O 2
पृष्ठ 17
6निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:
- (a)HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O
- (b)NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + H2O
- (c)NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
- (d)BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCl
उत्तर देखिए
सूत्र वही रहते हैं, सिर्फ़ गुणांक लगते हैं:
- (a)
2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O
बाईं ओर H 4, N 2, O 8, Ca 1=दाईं ओर H 4, N 2, O 8, Ca 1
- (b)
2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
बाईं ओर Na 2, O 6, H 4, S 1=दाईं ओर Na 2, O 6, H 4, S 1
- (c)
NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3 (पहले से संतुलित)
बाईं ओर Na 1, Cl 1, Ag 1, N 1, O 3=दाईं ओर Na 1, Cl 1, Ag 1, N 1, O 3
- (d)
BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl
बाईं ओर Ba 1, Cl 2, H 2, S 1, O 4=दाईं ओर Ba 1, Cl 2, H 2, S 1, O 4
पृष्ठ 17
7निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:
- (a)कैल्शियम हाइड्रोक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्शियम कार्बोनेट + जल
- (b)जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर
- (c)ऐल्युमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐल्युमिनियम क्लोराइड + कॉपर
- (d)बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + पोटैशियम क्लोराइड
उत्तर देखिए
शब्दों की जगह सूत्र लिखकर संतुलित कीजिए:
- (a)
Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O (यही किताब का समीकरण 1.14 है)
बाईं ओर Ca 1, O 4, H 2, C 1=दाईं ओर Ca 1, O 4, H 2, C 1
- (b)
Zn + 2AgNO3 → Zn(NO3)2 + 2Ag
बाईं ओर Zn 1, Ag 2, N 2, O 6=दाईं ओर Zn 1, Ag 2, N 2, O 6
- (c)
2Al + 3CuCl2 → 2AlCl3 + 3Cu
बाईं ओर Al 2, Cu 3, Cl 6=दाईं ओर Al 2, Cu 3, Cl 6
- (d)
BaCl2 + K2SO4 → BaSO4 + 2KCl
बाईं ओर Ba 1, Cl 2, K 2, S 1, O 4=दाईं ओर Ba 1, Cl 2, K 2, S 1, O 4
पृष्ठ 7, 17
8निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।
- (a)पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s)
- (b)जिंक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g)
- (c)हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g)
- (d)मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)
उत्तर देखिए
समीकरण, परमाणुओं की गिनती और प्रकार:
- (a)
2KBr(aq) + BaI2(aq) → 2KI(aq) + BaBr2(s)
द्विविस्थापन (आयनों का आदान-प्रदान; ठोस BaBr₂ बनता है, इसलिए अवक्षेपण भी)
बाईं ओर K 2, Br 2, Ba 1, I 2=दाईं ओर K 2, Br 2, Ba 1, I 2
- (b)
ZnCO3(s) → ZnO(s) + CO2(g)
वियोजन (एक अभिकारक से दो उत्पाद)
बाईं ओर Zn 1, C 1, O 3=दाईं ओर Zn 1, C 1, O 3
- (c)
H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g)
संयोजन (दो पदार्थों से एक उत्पाद)
बाईं ओर H 2, Cl 2=दाईं ओर H 2, Cl 2
- (d)
Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g)
विस्थापन (मैग्नीशियम, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन को हटाता है)
बाईं ओर Mg 1, H 2, Cl 2=दाईं ओर Mg 1, H 2, Cl 2
पृष्ठ 17
9ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखिए
जिस अभिक्रिया में उत्पाद के साथ ऊष्मा उत्पन्न होती है, वह ऊष्माक्षेपी है; जिसमें ऊर्जा अवशोषित होती है, वह ऊष्माशोषी।
ऊष्माक्षेपी: CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा (1.13); प्राकृतिक गैस का दहन CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जा (1.17)
ऊष्माशोषी: वियोजन में अभिकारक तोड़ने के लिए ऊर्जा लगती है, जैसे CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (1.20) और 2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) (1.22)
पृष्ठ 7, 8, 9, 10, 11
10श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर देखिए
क्योंकि श्वसन में ग्लूकोज़ और ऑक्सीजन की अभिक्रिया से ऊर्जा निकलती है।
पाचन में चावल, आलू, ब्रेड जैसे भोजन का कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज़ बनता है।
यह ग्लूकोज़ शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा देता है; इसी ऊर्जा से हम जीवित रहते हैं।
C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा
पृष्ठ 8
11वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर देखिए
संयोजन में कई पदार्थ मिलकर एक पदार्थ बनाते हैं, जबकि वियोजन में एक पदार्थ टूटकर कई पदार्थ देता है।
किताब के सार में: "संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।"
और: "वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती है। वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ देता है।"
संयोजन: 2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l) (1.16)
वियोजन: CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (1.20)
पृष्ठ 8, 9, 15
12उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए, जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
उत्तर देखिए
तीनों रूपों का एक-एक उदाहरण:
ऊष्मा: CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (1.20)
प्रकाश: 2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) (1.22)
विद्युत: जल का वैद्युतअपघटन (क्रियाकलाप 1.7); जल के सूत्र H₂O से बना समीकरण:
2H2O(l) विद्युत→ 2H2(g) + O2(g)
बाईं ओर H 4, O 2=दाईं ओर H 4, O 2
पृष्ठ 9, 10
13विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
उत्तर देखिए
विस्थापन में एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से हटाता है; द्विविस्थापन में दो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है।
विस्थापन: Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) (1.24); लोहा, कॉपर सल्फ़ेट से कॉपर को हटाता है।
द्विविस्थापन: Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq) (1.27); दोनों अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, और जल में अविलेय BaSO₄ का श्वेत अवक्षेप बनता है।
पृष्ठ 12, 13
14सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर देखिए
कॉपर, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर को हटाकर कॉपर नाइट्रेट बनाता है:
Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)
बाईं ओर Cu 1, Ag 2, N 2, O 6=दाईं ओर Cu 1, Ag 2, N 2, O 6
पृष्ठ 17
15अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर देखिए
जिस अभिक्रिया में जल में अविलेय पदार्थ, अवक्षेप, बनता है, वह अवक्षेपण अभिक्रिया है।
उदाहरण (क्रियाकलाप 1.10): सोडियम सल्फ़ेट और बेरियम क्लोराइड के विलयन मिलाने पर बेरियम सल्फ़ेट का श्वेत अवक्षेप बनता है; सोडियम क्लोराइड विलयन में ही रहता है।
Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq) (1.27)
पृष्ठ 13
16ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए।
- (a)उपचयन
- (b)अपचयन
उत्तर देखिए
किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि उपचयन है, और ऑक्सीजन का ह्रास अपचयन।
- (a)
उपचयन: 2Cu + O2 तापन→ 2CuO (1.28) में कॉपर में ऑक्सीजन की वृद्धि; CuO + H2 तापन→ Cu + H2O (1.29) में हाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि।
- (b)
अपचयन: (1.29) में कॉपर ऑक्साइड से ऑक्सीजन का ह्रास होकर Cu; ZnO + C → Zn + CO (1.31) में ZnO से ऑक्सीजन का ह्रास होकर Zn।
पृष्ठ 13, 14
17एक भूरे रंग का चमकदार तत्व 'X' को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व 'X' एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।
उत्तर देखिए
'X' कॉपर (Cu) है, और काला यौगिक कॉपर ऑक्साइड (CuO) है।
कॉपर चूर्ण गर्म करने पर उसकी सतह पर कॉपर ऑक्साइड (II) की काली परत चढ़ जाती है: 2Cu + O2 तापन→ 2CuO (1.28)
गर्म CuO पर हाइड्रोजन प्रवाहित करने से काली परत फिर भूरी हो जाती है, यानी कॉपर का रंग भूरा है।
पृष्ठ 13
18लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?
उत्तर देखिए
लोहे को जंग (संक्षारण) से बचाने के लिए।
धातु अपने आस-पास अम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में आने पर संक्षारित होती है, और लोहे पर लालिमायुक्त भूरी परत चढ़ जाती है।
पेंट की परत लोहे को आस-पास के अम्ल, आर्द्रता आदि के सीधे संपर्क से अलग रखती है।
संक्षारण से कार के ढाँचे, पुल, रेलिंग और जहाज़ जैसी लोहे की वस्तुओं को बहुत क्षति होती है।
पृष्ठ 14, 15
19तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?
उत्तर देखिए
ताकि तेल और वसा का उपचयन न हो और वे विकृतगंधी न हों।
उपचयित होने पर तेल और वसा का स्वाद और गंध बदल जाते हैं।
इसलिए चिप्स की थैली से ऑक्सीजन हटाकर उसमें नाइट्रोजन जैसी कम सक्रिय गैस भरी जाती है।
पृष्ठ 15
20निम्नलिखित पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए:
- (a)संक्षारण
- (b)विकृतगंधिता
उत्तर देखिए
दोनों दैनिक जीवन में उपचयन के असर हैं:
- (a)
संक्षारण: जब कोई धातु आस-पास के अम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में आकर संक्षारित होती है। उदाहरण: लोहे पर जंग लगना, यानी लालिमायुक्त भूरी परत (चाँदी पर काली और ताँबे पर हरी परत भी)।
- (b)
विकृतगंधिता: तेल और वसा उपचयित होकर विकृतगंधी हो जाते हैं, और उनका स्वाद और गंध बदल जाते हैं। उदाहरण: वसायुक्त या तैलीय खाद्य सामग्री लंबे समय तक रखी रहे तो उसका स्वाद और गंध बदल जाते हैं।
पृष्ठ 14, 15
सामूहिक क्रियाकलाप
चार बीकर A, B, C, D लीजिए। A, B और C में 25 mL जल, और D में कॉपर सल्फ़ेट का विलयन लेकर हर द्रव का तापमान नोट कीजिए। फिर दो स्पैचुला के बराबर पोटैशियम सल्फ़ेट (A में), अमोनियम नाइट्रेट (B में), निर्जल कॉपर सल्फ़ेट (C में) और लोहे की छीलन (D में) डालकर हिलाइए, और हर मिश्रण का तापमान फिर नापिए।
किताब पूछती है कि इनमें कौन सी अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी हैं और कौन सी ऊष्माशोषी। तापमान बढ़े तो ऊष्मा निकली (ऊष्माक्षेपी); तापमान घटे तो ऊष्मा ली गई (ऊष्माशोषी)।
पृष्ठ 18
क्या करना है: हर प्रश्न का एक उत्तर चुनिए। ग़लत हो, तो कारण पढ़कर फिर चुनिए।
आख़िरी जाँच: पूरा अध्याय✓ Stop complete
12PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO₂(g) में किसका उपचयन होता है?
कार्बन में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है; PbO से ऑक्सीजन का ह्रास होता है (अभ्यास प्रश्न 1)।
2Fe₂O₃ + 2Al → Al₂O₃ + 2Fe किस प्रकार की अभिक्रिया है?
ऐल्युमिनियम, आयरन ऑक्साइड से आयरन को हटाकर ऐल्युमिनियम ऑक्साइड बनाता है (अभ्यास प्रश्न 2)।
3लोहे की वस्तुओं को पेंट क्यों करते हैं?
पेंट की परत लोहे को आस-पास के अम्ल, आर्द्रता आदि के सीधे संपर्क से अलग रखती है (अभ्यास प्रश्न 18)।
4भूरे रंग का एक चमकदार तत्व X वायु में गर्म करने पर काला हो जाता है। X क्या है?
कॉपर गर्म करने पर काला कॉपर ऑक्साइड (CuO) बनता है (अभ्यास प्रश्न 17)।