Chapter 1रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Revision notes39 min

NCERT, विज्ञान (कक्षा 10), अध्याय 1

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यह पन्ना परीक्षा से पहले दोहराने के लिए है। हर हिस्से की शुरुआत में किताब के पृष्ठ लिखे हैं, ताकि शक हो तो वहीं खोलकर देख लीजिए। पृष्ठ संख्याएँ 2026-27 में छपी किताब की हैं। समीकरण किताब की तरह ही लिखे हैं, और उनकी संख्या कोष्ठक में है, जैसे (1.13)। तीर पर लिखा शब्द, जैसे ऊष्मा→, किताब में तीर के ऊपर छपा है।

तारों का मतलब: ★★किताब की प्रश्नावली (अभ्यास, प्रश्न 1–20) में सीधे पूछा गया · ★उन उत्तरों में काम आता है · बिना तारे के: पृष्ठभूमि या किताब का क्रियाकलाप।


1. अध्याय एक नज़र में

दूध, लोहे का तवा, अंगूर, पकता भोजन, पचता भोजन और साँस: इन सबमें शुरू वाली चीज़ की प्रकृति और पहचान कुछ न कुछ बदल जाती है, यानी रासायनिक अभिक्रिया होती है। किताब पहले सिखाती है कि अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण में कैसे लिखें और उसे संतुलित कैसे करें। फिर अभिक्रियाओं के पाँच प्रकार आते हैं: संयोजन (combination), वियोजन (decomposition), विस्थापन (displacement), द्विविस्थापन (double displacement) और उपचयन-अपचयन (redox)। आख़िर में दैनिक जीवन में उपचयन के दो असर: संक्षारण (corrosion) और विकृतगंधिता (rancidity)।

पूरा अध्याय एक चित्र में

पहचानरासायनिक अभिक्रियाअवस्था या रंग बदलता है, गैस निकलती है या तापमान बदलता है
समीकरणरासायनिक समीकरणअभिकारक बाईं ओर, उत्पाद दाईं ओर, बीच में तीर
संतुलनसंतुलित समीकरणदोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर; सूत्र कभी नहीं बदलते
प्रकारपाँच प्रकारकिताब के एक-एक उदाहरण के साथ
  • संयोजन: CaO + H₂O से Ca(OH)₂
  • वियोजन: CaCO₃ गर्म करने पर CaO + CO₂
  • विस्थापन: Fe + CuSO₄ से FeSO₄ + Cu
  • द्विविस्थापन: Na₂SO₄ + BaCl₂ से BaSO₄ + 2NaCl
  • उपचयन-अपचयन: CuO + H₂ से Cu + H₂O
धातु परसंक्षारणलोहे पर जंग, चाँदी पर काली परत, ताँबे पर हरी परत
तेल और वसा मेंविकृतगंधिताउपचयन से स्वाद और गंध बदल जाते हैं
NCERT, पृष्ठ 1–15

2. ज़रूरी शब्द★

शब्दमतलब (हमारे शब्दों में)पृष्ठ
रासायनिक अभिक्रिया (chemical reaction)रासायनिक परिवर्तन होने पर कहते हैं कि रासायनिक अभिक्रिया हुई; शुरू वाली वस्तु की प्रकृति और पहचान बदल जाती है1
अभिकारक (reactant)वे पदार्थ जिनमें रासायनिक परिवर्तन होता है; समीकरण में बाईं ओर (LHS)2–3
उत्पाद (product)अभिक्रिया से बना नया पदार्थ; समीकरण में दाईं ओर (RHS)2–3
शब्द-समीकरण (word equation)अभिक्रिया को पदार्थों के नाम से लिखना: मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड2
ढाँचा रासायनिक समीकरण (skeletal chemical equation)सूत्रों वाला ऐसा समीकरण जिसमें दोनों ओर किसी तत्व के परमाणु बराबर न हों, जैसे Mg + O2 → MgO; किताब इसे कंकाली समीकरण भी कहती है3
संतुलित रासायनिक समीकरण (balanced chemical equation)दोनों ओर हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर3–5
हिट एंड ट्रायल विधि (hit and trial method)सबसे छोटी पूर्णांक संख्या वाले गुणांक लगाकर समीकरण संतुलित करने की कोशिश5
संयोजन अभिक्रिया (combination reaction)दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं7–8
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (exothermic reaction)उत्पाद बनने के साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है8
वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया (decomposition reaction)एकल अभिकारक टूटकर छोटे-छोटे उत्पाद देता है; संयोजन का उलटा9, 15
ऊष्मीय वियोजन (thermal decomposition)ऊष्मा के द्वारा होने वाला वियोजन9
ऊष्माशोषी अभिक्रिया (endothermic reaction)अभिक्रिया में ऊर्जा अवशोषित होती है11
विस्थापन अभिक्रिया (displacement reaction)एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है12, 16
द्विविस्थापन अभिक्रिया (double displacement reaction)अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है13
अवक्षेप (precipitate)अभिक्रिया में बना ऐसा पदार्थ जो जल में अविलेय है13
अवक्षेपण अभिक्रिया (precipitation reaction)जिस अभिक्रिया में अवक्षेप बनता है; इससे अविलेय लवण मिलता है13, 16
उपचयन (oxidation)पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन का ह्रास; किताब इसे ऑक्सीकरण भी कहती है13–14, 16
अपचयन (reduction)पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि13–14
उपचयन-अपचयन (रेडॉक्स) (redox)एक ही अभिक्रिया में एक अभिकारक उपचयित और दूसरा अपचयित होता है14
संक्षारण (corrosion)धातु अपने आस-पास अम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में आकर संक्षारित होती है; लोहे पर जंग इसका उदाहरण है14
विकृतगंधिता (rancidity)उपचयन से तेल और वसा विकृतगंधी हो जाते हैं; उनका स्वाद और गंध बदल जाते हैं15
प्रति ऑक्सीकारक (antioxidant)उपचयन रोकने वाले पदार्थ, जो तैलीय और वसायुक्त खाद्य सामग्री में मिलाए जाते हैं15

3. रासायनिक अभिक्रिया की पहचान

(पृष्ठ 1–2)

किताब छह रोज़ की बातों से शुरू करती है: गर्मियों में कमरे के ताप पर खुला छोड़ा दूध; आर्द्र वायुमंडल में खुला छोड़ा लोहे का तवा, तसला या कील; अंगूर का किण्वन; भोजन पकाना; शरीर का भोजन पचाना; और साँस लेना। “इन सभी परिस्थितियों में प्रारंभिक वस्तु की प्रकृति तथा पहचान कुछ न कुछ बदल जाती है।” और “जब कोई रासायनिक परिवर्तन होता है तो हम कह सकते हैं कि एक रासायनिक अभिक्रिया हुई है।”

क्रियाकलाप 1.1: मैग्नीशियम रिबन का दहन

  • लगभग 3–4 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से रगड़कर साफ़ कीजिए, चिमटे से पकड़कर स्पिरिट लैंप या बर्नर पर जलाइए, और बनी राख को वॉच ग्लास में इकट्ठा कीजिए।
  • दिखता क्या है: “चमकदार श्वेत लौ के साथ मैग्नीशियम रिबन का दहन होता है और यह श्वेत चूर्ण में परिवर्तित हो जाता है। यह मैग्नीशियम ऑक्साइड का चूर्ण है।”
  • यह चूर्ण वायु की ऑक्सीजन और मैग्नीशियम की अभिक्रिया से बनता है।
  • सावधानी: “इस क्रियाकलाप में शिक्षक के सहयोग की आवश्यकता है। सुरक्षा के लिए छात्र आँखों पर चश्मा पहन लें तो उचित होगा।” और “मैग्नीशियम रिबन का दहन करते समय इसे अपनी आँखों से यथासंभव दूर रखिए।”
चिमटामैग्नीशियमरिबनबर्नरवॉच ग्लासमैग्नीशियमऑक्साइड
चित्र 1.1 — मैग्नीशियम रिबन का वायु में दहन कर मैग्नीशियम ऑक्साइड को वॉच ग्लास में इकट्ठा करनाकिताब के पृष्ठ 1 के चित्र 1.1 के आधार पर हमारा बनाया चित्र

क्रियाकलाप 1.2: लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड

  • एक परखनली में लेड (सीसा) नाइट्रेट का घोल लीजिए और उसमें पोटैशियम आयोडाइड का घोल मिलाइए।
  • घोल में पीले रंग का अवक्षेप बनता है। यह लेड आयोडाइड (PbI₂) है; NCERT की एक्ज़ेम्प्लर (Exemplar Problems) पुस्तक के अध्याय 1, प्रश्न 13 में भी यही लिखा है। किताब इस मिश्रण पर पृष्ठ 13 पर फिर लौटती है (द्विविस्थापन)।
परखनली के घोल में पीले रंग का अवक्षेप बादल की तरह घूमता हुआ नीचे बैठ रहा है।
लेड नाइट्रेट के घोल में पोटैशियम आयोडाइड मिलाने पर बना अवक्षेपImage: PRHaney, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.

क्रियाकलाप 1.3: दानेदार जिंक और तनु अम्ल

  • शंक्वाकार फ्लास्क या परखनली में कुछ दानेदार जिंक लेकर उसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल या सल्फ़्यूरिक अम्ल मिलाइए।
  • किताब पूछती है: क्या जस्ते के दानों के आस-पास कुछ होता दिखता है? फ्लास्क छूने पर क्या तापमान बदला है?
  • दानेदार जस्ते पर तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस बनती है। गैस कार्क में लगी काँच की नली से बाहर आती है।
  • सावधानी: “अम्ल का इस्तेमाल सावधानी से कीजिए।”
कार्ककाँचकी नलीH2 गैसशंक्वाकारफ्लास्कतनु सल्फ़्यूरिक अम्लदानेदार जस्ता
चित्र 1.2 — दानेदार जस्ते पर तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस का निर्माणकिताब के पृष्ठ 2 के चित्र 1.2 के आधार पर हमारा बनाया चित्र
हाथ में पकड़ी परखनली में अम्ल के अंदर जिंक का टुकड़ा; उसकी सतह से छोटे-छोटे बुलबुले उठ रहे हैं।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में जिंकImage: Chemicalinterest, via Wikimedia Commons, public domain.

अभिक्रिया हुई है, यह कैसे जानें? इन चार प्रेक्षणों में से किसी से भी:

  • अवस्था में परिवर्तन
  • रंग में परिवर्तन
  • गैस का निकास अथवा उत्सर्जन
  • तापमान में परिवर्तन

अभिक्रिया हुई है, यह कैसे जानें

पहचानरासायनिक अभिक्रियाइन चार प्रेक्षणों में से कोई एक भी दिखे
अवस्थाअवस्था में परिवर्तन
रंगरंग में परिवर्तनश्वेत सिल्वर क्लोराइड धूप में धूसर हो जाता है (क्रियाकलाप 1.8)
गैसगैस का निकासजस्ते पर तनु अम्ल डालने से हाइड्रोजन गैस बनती है (क्रियाकलाप 1.3)
तापमानतापमान में परिवर्तनकैल्सियम ऑक्साइड और जल का मिश्रण गर्म हो जाता है (क्रियाकलाप 1.4)
NCERT, पृष्ठ 1, 2, 7, 10

किताब का प्रश्न पृष्ठ 6

वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?

उत्तर देखिए

ताकि रिबन की सतह की परत हट जाए और साफ़ मैग्नीशियम सीधे वायु की ऑक्सीजन से अभिक्रिया करे।

  • मैग्नीशियम वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है (पृष्ठ 2)। इसलिए खुले में रखे रिबन पर धीरे-धीरे एक परत चढ़ जाती है।

  • रेगमाल से रगड़ने पर यह परत हट जाती है, और रिबन चमकदार श्वेत लौ के साथ ठीक से जलता है।

पृष्ठ 1, 2

4. रासायनिक समीकरण लिखना★

(पृष्ठ 2–3)

वाक्य में लिखने पर अभिक्रिया का विवरण बहुत लंबा हो जाता है। सबसे सरल तरीका शब्द-समीकरण है। मैग्नीशियम रिबन के दहन (क्रियाकलाप 1.1) का शब्द-समीकरण:

मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड (1.1)

  • मैग्नीशियम और ऑक्सीजन में रासायनिक परिवर्तन होता है, इसलिए ये अभिकारक हैं। नया पदार्थ मैग्नीशियम ऑक्साइड उत्पाद है।
  • अभिकारक बाईं ओर (LHS) लिखे जाते हैं, उनके बीच + का चिह्न। उत्पाद दाईं ओर (RHS), उनके बीच भी +।
  • “तीर का सिरा उत्पाद की ओर होता है तथा यह अभिक्रिया होने की दिशा को दर्शाता है।”

शब्दों की जगह रासायनिक सूत्र लिखने पर समीकरण छोटा और ज़्यादा काम का हो जाता है:

Mg + O2 → MgO (1.2)

यहाँ बाईं ओर ऑक्सीजन के 2 परमाणु हैं, दाईं ओर 1। जिस सूत्र वाले समीकरण में दोनों ओर किसी तत्व के परमाणु बराबर न हों, वह ढाँचा रासायनिक समीकरण है (किताब इसे कंकाली समीकरण भी कहती है)। ऐसा समीकरण असंतुलित है, क्योंकि दोनों ओर का द्रव्यमान बराबर नहीं है।

5. संतुलित रासायनिक समीकरण और उसे संतुलित करना★★

(पृष्ठ 3–5) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 4, 5, 6, 7, 8

संतुलन क्यों ज़रूरी है: द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहता है: “किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है न ही विनाश।” यानी उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है, और “रासायनिक अभिक्रिया के पहले एवं उसके पश्चात प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान रहती है।”

जिंक और सल्फ़्यूरिक अम्ल का शब्द-समीकरण और सूत्र वाला समीकरण:

जिंक + सल्फ़्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फ़ेट + हाइड्रोजन

Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2 (1.3)

तत्वअभिकारकों (LHS) में परमाणुउत्पादों (RHS) में परमाणु
Zn11
H22
S11
O44

दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर हैं, इसलिए (1.3) संतुलित रासायनिक समीकरण है।

किताब का तरीका, क़दम-दर-क़दम: लोहा और भाप

Fe + H2O → Fe3O4 + H2 (1.4)

चरण 1. हर सूत्र के चारों ओर एक बॉक्स बनाइए। संतुलन करते समय बॉक्स के अंदर कुछ नहीं बदलना।

Fe + H2O → Fe3O4 + H2 (1.5)

चरण 2. हर तत्व के परमाणु गिनिए:

तत्वअभिकारकों मेंउत्पादों में
Fe13
H22
O14

चरण 3. सबसे ज़्यादा परमाणुओं वाले यौगिक (Fe₃O₄) से शुरू कीजिए और उसमें ऑक्सीजन को बराबर कीजिए:

ऑक्सीजन के परमाणुअभिकारकों मेंउत्पादों में
प्रारंभ में1 (H₂O में)4 (Fe₃O₄ में)
संतुलित करने के लिए1 × 44

“परमाणुओं की संख्या को बराबर करने के लिए हम अभिक्रिया में शामिल तत्वों तथा यौगिकों के सूत्रों को नहीं बदल सकते हैं।” इसलिए H₂O के आगे गुणांक 4 लगता है: 4 H₂O लिखिए, H₂O₄ या (H₂O)₄ नहीं।

Fe + 4H2O → Fe3O4 + H2 (1.6)

यह आंशिक रूप से संतुलित समीकरण है।

चरण 4. अब हाइड्रोजन:

हाइड्रोजन के परमाणुअभिकारकों मेंउत्पादों में
प्रारंभ में8 (4 H₂O में)2 (H₂ में)
संतुलित करने के लिए82 × 4

Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2 (1.7)

चरण 5. अब लोहा (आयरन):

लोहे के परमाणुअभिकारकों मेंउत्पादों में
प्रारंभ में1 (Fe में)3 (Fe₃O₄ में)
संतुलित करने के लिए1 × 33

3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2 (1.8)

चरण 6. दोनों ओर हर तत्व के परमाणु फिर गिनकर जाँचिए। बॉक्स हटाकर संतुलित समीकरण:

3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2 (1.9)

बाईं ओर: Fe 3, H 8, O 4 · दाईं ओर: Fe 3, H 8, O 4

इस तरीके को हिट एंड ट्रायल विधि कहते हैं, क्योंकि इसमें सबसे छोटी पूर्णांक संख्या वाले गुणांक लगाकर समीकरण संतुलित करने की कोशिश की जाती है।

लोहा और भाप: संतुलन के छह चरण

चरण 1हर सूत्र के चारों ओर बॉक्सबॉक्स के अंदर कुछ नहीं बदलना
चरण 2हर तत्व के परमाणु गिनिएबाईं ओर Fe 1, H 2, O 1 · दाईं ओर Fe 3, H 2, O 4
चरण 3सबसे ज़्यादा परमाणुओं वाले यौगिक Fe₃O₄ से शुरूऑक्सीजन बराबर करने के लिए H₂O के आगे 4
चरण 4अब हाइड्रोजनH₂ के आगे 4
चरण 5अब लोहाFe के आगे 3
चरण 6दोनों ओर फिर गिनकर जाँचिए, बॉक्स हटाइए3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2 (1.9)
NCERT, पृष्ठ 4–5

ढाँचा समीकरण (1.2) भी इसी हिट एंड ट्रायल विधि से संतुलित होता है:

2Mg + O2 → 2MgO

बाईं ओर: Mg 2, O 2 · दाईं ओर: Mg 2, O 2

6. भौतिक अवस्था और अभिक्रिया की परिस्थितियाँ लिखना★★

(पृष्ठ 6) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 8

चरण 7. समीकरण को और जानकारी वाला बनाने के लिए हर पदार्थ की भौतिक अवस्था लिखी जाती है:

अवस्थासंकेत
गैस(g)
द्रव(l)
जलीय (पदार्थ जल में विलयन के रूप में हो)(aq)
ठोस(s)

3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g) (1.10)

यहाँ H₂O के साथ (g) बताता है कि अभिक्रिया में जल भाप के रूप में लिया गया है। ध्यान रहे: “प्रायः हर रासायनिक समीकरण में भौतिक अवस्था को शामिल नहीं किया जाता है, जब तक कि यह आवश्यक न हो।”

परिस्थितियाँ तीर पर: ताप, दाब, उत्प्रेरक जैसी परिस्थितियाँ तीर के ऊपर या नीचे लिखी जाती हैं।

CO(g) + 2H2(g) 340atm→ CH3OH(l)

6CO2(aq) + 12H2O(l) सूर्य–प्रकाश, क्लोरोफिल→ C6H12O6(aq) + 6O2(aq) + 6H2O(l) (1.12)

किताब में (1.12) के तीर के ऊपर सूर्य–प्रकाश और नीचे क्लोरोफिल लिखा है; C₆H₁₂O₆ ग्लूकोज है।

किताब का प्रश्न पृष्ठ 6

निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:

  1. (i)हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड
  2. (ii)बेरियम क्लोराइड + ऐलुमीनियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + ऐलुमीनियम क्लोराइड
  3. (iii)सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन
उत्तर देखिए

तीनों संतुलित समीकरण, हर एक के नीचे परमाणुओं की गिनती:

  • (i)

    H2 + Cl2 → 2HCl

    बाईं ओर H 2, Cl 2=दाईं ओर H 2, Cl 2

  • (ii)

    3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3

    बाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12=दाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12

  • (iii)

    2Na + 2H2O → 2NaOH + H2

    बाईं ओर Na 2, H 4, O 2=दाईं ओर Na 2, H 4, O 2

पृष्ठ 3–5

किताब का प्रश्न पृष्ठ 6

निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:

  1. (i)जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फ़ेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप बनाते हैं
  2. (ii)सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।
उत्तर देखिए

विलयन के लिए (aq), अवक्षेप (ठोस) के लिए (s), जल के लिए (l):

  • (i)

    BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)

    बाईं ओर Ba 1, Cl 2, Na 2, S 1, O 4=दाईं ओर Ba 1, Cl 2, Na 2, S 1, O 4

  • (ii)

    NaOH(aq) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l)

    बाईं ओर Na 1, O 1, H 2, Cl 1=दाईं ओर Na 1, O 1, H 2, Cl 1

पृष्ठ 6

7. संयोजन अभिक्रिया और ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया★★

(पृष्ठ 7–8) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 7, 8, 9, 10, 11

रासायनिक अभिक्रिया में किसी एक तत्व का परमाणु दूसरे तत्व के परमाणु में नहीं बदलता। न कोई परमाणु मिश्रण से बाहर जाता है, न बाहर से आता है। परमाणुओं के आपसी आबंध टूटते और जुड़ते हैं, और इसी से नए पदार्थ बनते हैं।

क्रियाकलाप 1.4: कैल्सियम ऑक्साइड और जल

  • एक बीकर में थोड़ा कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) लेकर उसमें धीरे-धीरे जल मिलाइए, फिर बीकर को छूकर देखिए कि ताप बदला या नहीं।
  • दिखता क्या है: “कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके बुझे हुए चूने (कैल्सियम हाइड्रोक्साइड) का निर्माण करके अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है।”
बीकरजलकैल्सियमऑक्साइड
चित्र 1.3 — जल के साथ कैल्सियम ऑक्साइड की अभिक्रिया से बुझे हुए चूने का निर्माणकिताब के पृष्ठ 7 के चित्र 1.3 के आधार पर हमारा बनाया चित्र

CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा (1.13)

किताब में CaO(s) के नीचे (बिना बुझा हुआ चूना) और Ca(OH)₂(aq) के नीचे (बुझा हुआ चूना) लिखा है। कैल्सियम ऑक्साइड और जल मिलकर एक ही उत्पाद, कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, बनाते हैं।

संयोजन अभिक्रिया: “जब दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) संयोग करके एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं, ऐसी अभिक्रियाओं को संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।”

दीवारों की सफ़ेदी: बुझे हुए चूने के विलयन से दीवारों की सफ़ेदी की जाती है। कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से धीमी गति से अभिक्रिया करके दीवारों पर कैल्सियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है। सफ़ेदी के दो-तीन दिन बाद कैल्सियम कार्बोनेट बनता है और दीवारों पर चमक आ जाती है। संगमरमर का रासायनिक सूत्र भी CaCO₃ ही है।

Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l) (1.14)

संयोजन के दो और उदाहरण:

  • कोयले का दहन:

    C(s) + O2(g) → CO2(g) (1.15)

  • हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से जल का बनना:

    2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l) (1.16)

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (exothermic reaction): क्रियाकलाप 1.4 में ऊष्मा अधिक मात्रा में निकली और मिश्रण गर्म हो गया। “जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है उन्हें ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।” किताब के तीन और उदाहरण:

  • प्राकृतिक गैस का दहन:

    CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जा (1.17)

  • श्वसन: जीवित रहने के लिए ऊर्जा भोजन से मिलती है। पाचन में चावल, आलू और ब्रेड का कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज़ देता है। यह ग्लूकोज़ शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा देता है। ग्लूकोज़ और ऑक्सीजन की इस अभिक्रिया का नाम श्वसन है:

    C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा

  • “शाक-सब्जियों (वनस्पति द्रव्य) का विघटित होकर कंपोस्ट बनना भी ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का ही उदाहरण है।”

किताब पूछती है पृष्ठ 8

मैग्नीशियम रिबन के दहन (क्रियाकलाप 1.1) में एकल उत्पाद बनता है और ऊष्मा उत्पन्न होती है; यह किस प्रकार की अभिक्रिया है?

उत्तर देखिए

संयोजन अभिक्रिया, क्योंकि मैग्नीशियम और ऑक्सीजन से एक ही उत्पाद, मैग्नीशियम ऑक्साइड, बनता है; ऊष्मा निकलती है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी भी है।

किताब का प्रश्न पृष्ठ 11

किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफ़ेदी करने के लिए होता है।

  1. (i)पदार्थ ‘X’ का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।
  2. (ii)ऊपर (i) में लिखे पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर देखिए

‘X’ कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) है। जल के साथ यह बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) बनाता है, और बुझे हुए चूने के विलयन से सफ़ेदी होती है।

  • (i)

    नाम: कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना); सूत्र: CaO

  • (ii)

    जल के साथ अभिक्रिया:

    CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा (1.13)

  • इससे बना कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, Ca(OH)₂, दीवार पर वायु की CO₂ से कैल्सियम कार्बोनेट की चमकदार परत बनाता है (1.14)।

पृष्ठ 7

8. वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया और ऊष्माशोषी अभिक्रिया★★

(पृष्ठ 8–11) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 8, 9, 11, 12

वियोजन अभिक्रिया में एकल अभिकारक टूटकर छोटे-छोटे उत्पाद देता है। अभिकारक को तोड़ने के लिए ऊर्जा चाहिए, जो तीन रूपों में दी जाती है:

वियोजन के लिए ऊर्जा के तीन रूप

वियोजनएकल अभिकारक टूटकर छोटे-छोटे उत्पाद देता हैसंयोजन का उलटा
ऊर्जाऊष्मा (ऊष्मीय वियोजन)फ़ेरस सल्फ़ेट (1.19), कैल्सियम कार्बोनेट (1.20), लेड नाइट्रेट (1.21)
विद्युतजल का वैद्युतअपघटन (क्रियाकलाप 1.7)
प्रकाशसिल्वर क्लोराइड (1.22), सिल्वर ब्रोमाइड (1.23)
NCERT, पृष्ठ 8–11, 15

क्रियाकलाप 1.5: फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल गर्म करना

  • एक शुष्क क्वथन नली में 2g फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल लेकर उनका रंग देखिए, फिर नली को बर्नर या स्पिरिट लैंप की ज्वाला पर गर्म कीजिए और रंग फिर देखिए।
  • दिखता क्या है: फ़ेरस सल्फ़ेट क्रिस्टल का हरा रंग बदल जाता है, और सल्फ़र के दहन से उत्पन्न होने वाली अभिलाक्षणिक (विशिष्ट) गंध आती है।
  • गर्म करने पर फ़ेरस सल्फ़ेट का क्रिस्टल (FeSO₄.7H₂O) पहले जल त्यागता है और उसका रंग बदलता है। फिर फ़ेरस सल्फ़ेट, फ़ेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃), सल्फ़र डाइऑक्साइड (SO₂) और सल्फ़र ट्राइऑक्साइड (SO₃) में वियोजित हो जाता है। फ़ेरिक ऑक्साइड ठोस है, SO₂ और SO₃ गैसें हैं।
  • चित्र 1.4 में लिखा है: “क्वथन नली के खुले सिरे को अपने पड़ोसी या अपनी ओर न करें”; गंध लेनी हो तो “गैस को धीमे से अपनी नाक की ओर मोड़ दीजिए”।
गैस को धीमे से अपनीनाक की ओर मोड़दीजिएक्वथन नली के खुलेसिरे को अपने पड़ोसीया अपनी ओर न करेंक्वथन नलीफ़ेरस सल्फ़ेटक्रिस्टलबर्नर
चित्र 1.4 — फ़ेरस सल्फ़ेट क्रिस्टल वाली परखनली को गर्म करने तथा गंध सूँघने की सही विधिकिताब के पृष्ठ 8 के चित्र 1.4 के आधार पर हमारा बनाया चित्र
काँच की छोटी शीशी में हल्के हरे रंग के फ़ेरस सल्फ़ेट क्रिस्टल।
गर्म करने से पहले फ़ेरस सल्फ़ेट के क्रिस्टल (FeSO₄.7H₂O)Image: W. Oelen, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.

2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g) (1.19)

कैल्सियम कार्बोनेट का वियोजन: ऊष्मा देने पर कैल्सियम कार्बोनेट, कैल्सियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड में टूट जाता है। यह एक प्रमुख वियोजन अभिक्रिया है, जिसका उपयोग विभिन्न उद्योगों में होता है। “कैल्सियम ऑक्साइड को चूना या बिना बुझा हुआ चूना कहते हैं।” इसका एक उपयोग सीमेंट के निर्माण में है।

CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (1.20)

किताब में (1.20) में CaCO₃(s) के नीचे (चूना पत्थर) और CaO(s) के नीचे (बुझा हुआ चूना) छपा है। CaO के नीचे यह छपाई की चूक है: ऊपर किताब का अपना वाक्य कहता है कि कैल्सियम ऑक्साइड बिना बुझा हुआ चूना है। “ऊष्मा के द्वारा की गई वियोजन अभिक्रिया को ऊष्मीय वियोजन कहते हैं।” किताब कैल्सियम कार्बोनेट के वियोजन के बाद क्रियाकलाप 1.6 को ऊष्मीय वियोजन (thermal decomposition) का एक और उदाहरण बताती है।

क्रियाकलाप 1.6: लेड नाइट्रेट गर्म करना

  • एक क्वथन नली में 2 g लेड नाइट्रेट का चूर्ण लेकर, नली को चिमटे से पकड़कर ज्वाला के ऊपर गर्म कीजिए।
  • दिखता क्या है: “आप देखेंगे कि भूरे रंग का धुआँ उत्सर्जित होता है। यह नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) का धुआँ है।”
परखनली पकड़नेवाला चिमटाक्वथन नलीलेड नाइट्रेटबर्नर
चित्र 1.5 — लेड नाइट्रेट का तापन तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का उत्सर्जनकिताब के पृष्ठ 9 के चित्र 1.5 के आधार पर हमारा बनाया चित्र

2Pb(NO3)2(s) तापन→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g) (1.21)

लेड नाइट्रेट टूटकर लेड ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन देता है।

क्रियाकलाप 1.7: जल का वैद्युतअपघटन (विद्युत से वियोजन)

  • प्लास्टिक के मग की तली में दो छिद्र करके रबड़ की डाट लगाइए और उनमें कार्बन इलेक्ट्रोड डालिए। इलेक्ट्रोडों को 6 वोल्ट की बैटरी से जोड़िए।
  • मग में इतना जल डालिए कि इलेक्ट्रोड डूब जाएँ, और जल में तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें मिलाइए।
  • जल से भरी दो अंशांकित परखनलियाँ दोनों इलेक्ट्रोडों के ऊपर उलटी रखकर विद्युत धारा प्रवाहित कीजिए।
  • दिखता क्या है: दोनों इलेक्ट्रोडों पर बुलबुले बनते हैं, जो परखनलियों से जल को बाहर कर देते हैं। ऐनोड वाली परखनली में ऑक्सीजन जमा होती है और कैथोड वाली में हाइड्रोजन।
  • किताब पूछती है: क्या दोनों परखनलियों में गैस का आयतन समान है? परखनलियाँ भर जाने पर उन्हें हटाकर, जलती मोमबत्ती उनके मुँह के ऊपर लाकर गैसों की जाँच की जाती है। सावधानी: “इस चरण को शिक्षक द्वारा सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।”
6V बैटरीऑक्सीजनपरखनलीग्रैफ़ाइट रॉडऐनोडस्विचप्लास्टिक मगहाइड्रोजनजलजलरबड़ डाटकैथोड
चित्र 1.6 — जल का वैद्युतअपघटनकिताब के पृष्ठ 10 के चित्र 1.6 के आधार पर हमारा बनाया चित्र

क्रियाकलाप 1.8: सिल्वर क्लोराइड धूप में (प्रकाश से वियोजन)

  • चायना डिश में 2 g सिल्वर क्लोराइड लेकर उसका रंग देखिए, फिर डिश को थोड़ी देर सूर्य के प्रकाश में रखिए।
  • दिखता क्या है: “सूर्य के प्रकाश में श्वेत रंग का सिल्वर क्लोराइड धूसर रंग का हो जाता है।” प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड, सिल्वर और क्लोरीन में टूट जाता है।
सूर्य काप्रकाशचायना डिशसिल्वर क्लोराइड
चित्र 1.7 — सूर्य के प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड धूसर रंग का होकर सिल्वर धातु बनाता है।किताब के पृष्ठ 10 के चित्र 1.7 के आधार पर हमारा बनाया चित्र

2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) (1.22)

सिल्वर ब्रोमाइड भी इसी तरह टूटता है:

2AgBr(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Br2(g) (1.23)

सिल्वर क्लोराइड और सिल्वर ब्रोमाइड के इस वियोजन का उपयोग श्याम-श्वेत फ़ोटोग्राफी में होता है।

किताब पूछती है पृष्ठ 10

सिल्वर क्लोराइड और सिल्वर ब्रोमाइड का वियोजन किस प्रकार की ऊर्जा से होता है?

उत्तर देखिए

सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा से।

ऊष्माशोषी अभिक्रिया (endothermic reaction): “वियोजन अभिक्रिया में अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा अवशोषित होती है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।”

ऊष्मा निकलती है या ली जाती है

ऊष्माक्षेपीउत्पाद बनने के साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती हैमिश्रण गर्म हो जाता है
ऊष्माशोषीअभिक्रिया में ऊर्जा अवशोषित होती हैअभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत चाहिए
उदाहरणनिकलने वाली ऊष्मा
  • कैल्सियम ऑक्साइड और जल (क्रियाकलाप 1.4)
  • प्राकृतिक गैस का दहन (1.17)
  • श्वसन
  • शाक-सब्ज़ियों से कंपोस्ट बनना
वियोजनइनमें ऊर्जा लगती है (पृष्ठ 11)
  • फ़ेरस सल्फ़ेट, कैल्सियम कार्बोनेट और लेड नाइट्रेट का ऊष्मीय वियोजन
  • जल का वैद्युतअपघटन
  • धूप में सिल्वर क्लोराइड का वियोजन
NCERT, पृष्ठ 7–11

किताब का एक और क्रियाकलाप (पृष्ठ 11): एक परखनली में लगभग 2 g बेरियम हाइड्रॉक्साइड लेकर उसमें 1 g अमोनियम क्लोराइड डालिए और काँच की छड़ से मिलाइए। हथेली से परखनली का निचला सिरा छूकर तय कीजिए कि बेरियम हाइड्रॉक्साइड और अमोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है या ऊष्माशोषी: ऊष्मा निकले तो नली गर्म लगेगी, ऊष्मा ली जाए तो ठंडी।

किताब का प्रश्न पृष्ठ 11

क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।

उत्तर देखिए

दोगुनी मात्रा वाली गैस हाइड्रोजन है, क्योंकि जल (H₂O) में हर ऑक्सीजन परमाणु के साथ हाइड्रोजन के दो परमाणु होते हैं।

  • जल के सूत्र H₂O से वियोजन का संतुलित समीकरण बनता है:

    2H2O(l) → 2H2(g) + O2(g)

    बाईं ओर H 4, O 2=दाईं ओर H 4, O 2

  • यानी जल टूटने पर ऑक्सीजन के हर एक अणु (O₂) के साथ हाइड्रोजन के दो अणु (2H₂) बनते हैं। इसलिए हाइड्रोजन (कैथोड वाली परखनली) की मात्रा ऑक्सीजन (ऐनोड वाली परखनली) से दोगुनी होती है।

पृष्ठ 10, 11

9. विस्थापन अभिक्रिया★★

(पृष्ठ 11–12) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 2, 3, 8, 13, 14

किताब के सार में: “जब कोई एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया होती है।”

क्रियाकलाप 1.9: लोहे की कील कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में

  • लोहे की तीन कीलें रेगमाल से रगड़कर साफ़ कीजिए। (A) और (B) चिह्न वाली दो परखनलियों में 10 mL कॉपर सल्फ़ेट का विलयन लीजिए।
  • दो कीलें धागे से बाँधकर परखनली (B) के विलयन में लगभग 20 मिनट डुबोकर रखिए; तुलना के लिए एक कील बाहर रखिए। 20 मिनट बाद कीलें निकालकर दोनों परखनलियों के नीले रंग की तीव्रता और कीलों का रंग मिलाइए।
  • दिखता क्या है: विलयन में डूबी लोहे की कील का रंग भूरा हो जाता है, और परखनली (B) के कॉपर सल्फ़ेट के विलयन का नीला रंग मलीन पड़ जाता है; परखनली (A) का विलयन गहरा नीला रहता है।
(a)स्टैंडपरखनलीधागाकॉपर सल्फ़ेटका विलयनलोहे की कील
चित्र 1.8 (a) — कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में डूबी हुई लोहे की कीलेंकिताब के पृष्ठ 11 के चित्र 1.8 (a) के आधार पर हमारा बनाया चित्र
(b)लोहे की कीलकॉपर सल्फ़ेट केविलयन से बाहरनिकाली गईलोहे की कीलकॉपर सल्फ़ेटका विलयन(परखनली A)परखनलीपरखनली स्टैंडअभिक्रिया मिश्रण(परखनली B)
चित्र 1.8 (b) — प्रयोग से पहले तथा उसके उपरांत लोहे की कील तथा कॉपर सल्फ़ेट के विलयन की तुलनाकिताब के पृष्ठ 12 के चित्र 1.8 (b) के आधार पर हमारा बनाया चित्र
नीले-हरे विलयन में डूबी लोहे की कील, जिस पर भूरे रंग की मोटी परत चढ़ गई है; विलयन ऊपर की ओर हल्के रंग का है।
कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में लोहे की कीलImage: H. Hoffmeister, via Wikimedia Commons, GFDL.

Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) (1.24)

यहाँ लोहे (आयरन) ने “दूसरे तत्व कॉपर को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन से विस्थापित कर दिया या हटा दिया।” कॉपर सल्फ़ेट की जगह आयरन सल्फ़ेट बनता है। किताब के दो और उदाहरण:

Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s) (1.25)

Pb(s) + CuCl2(aq) → PbCl2(aq) + Cu(s) (1.26)

“जिंक तथा लेड, कॉपर की अपेक्षा अधिक क्रियाशील तत्व हैं। वे कॉपर को उसके यौगिक से विस्थापित कर देते हैं।” (1.25) में जिंक सल्फ़ेट और (1.26) में लेड क्लोराइड बनता है।

किताब का प्रश्न पृष्ठ 15

जब लोहे की कील को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?

उत्तर देखिए

क्योंकि लोहा, कॉपर सल्फ़ेट के विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है, और नीला कॉपर सल्फ़ेट का विलयन आयरन सल्फ़ेट के विलयन में बदल जाता है।

  • Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) (1.24)

  • विलयन का नीला रंग कॉपर सल्फ़ेट के विलयन का है। कॉपर सल्फ़ेट जितना आयरन सल्फ़ेट में बदलता है, नीला रंग उतना मलीन पड़ता जाता है।

  • हटा हुआ कॉपर कील पर जमता है, इसलिए कील का रंग भूरा हो जाता है।

पृष्ठ 11, 12

10. द्विविस्थापन अभिक्रिया और अवक्षेपण अभिक्रिया★★

(पृष्ठ 12–13) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 5, 6, 7, 8, 13, 15

क्रियाकलाप 1.10: सोडियम सल्फ़ेट और बेरियम क्लोराइड

  • एक परखनली में 3 mL सोडियम सल्फ़ेट का विलयन और दूसरी में 3 mL बेरियम क्लोराइड का विलयन लेकर दोनों को मिलाइए।
  • दिखता क्या है: “आप देखेंगे कि श्वेत रंग के एक पदार्थ का निर्माण होता है, जो जल में अविलेय है। इस अविलेय पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं। जिस अभिक्रिया में अवक्षेप का निर्माण होता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।”
सोडियम सल्फ़ेट केविलयन युक्त परखनलीबेरियम क्लोराइड केविलयन युक्त परखनली
चित्र 1.9 — बेरियम सल्फ़ेट तथा सोडियम क्लोराइड का निर्माणकिताब के पृष्ठ 12 के चित्र 1.9 के आधार पर हमारा बनाया चित्र

Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq) (1.27)

सोडियम सल्फ़ेट और बेरियम क्लोराइड से बेरियम सल्फ़ेट (श्वेत अवक्षेप) और सोडियम क्लोराइड बनते हैं। किताब कारण बताती है: “Ba²⁺ तथा SO₄²⁻ की अभिक्रिया से BaSO₄ के अवक्षेप का निर्माण होता है। एक अन्य उत्पाद सोडियम क्लोराइड का भी निर्माण होता है, जो विलयन में ही रहता है। वे अभिक्रियाएँ, जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, उन्हें द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ कहते हैं।”

किताब के सार में: “अवक्षेपण अभिक्रिया से अविलेय लवण प्राप्त होता है।” (1.27) द्विविस्थापन भी है और अवक्षेपण भी।

विस्थापनद्विविस्थापन
क्या होता हैएक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से हटाता हैदो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान
किताब का उदाहरणFe + CuSO4 → FeSO4 + Cu (1.24)Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4 + 2NaCl (1.27)
पृष्ठ1213

किताब पूछती है पृष्ठ 13

क्रियाकलाप 1.2 में लेड (II) नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड के विलयन मिलाए गए थे।

  1. (i)अवक्षेप किस रंग का था, और अवक्षेपित यौगिक का नाम क्या है?
  2. (ii)इस अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
  3. (iii)क्या यह भी द्विविस्थापन अभिक्रिया है?
उत्तर देखिए

हाँ, लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड की अभिक्रिया द्विविस्थापन अभिक्रिया है, क्योंकि दोनों अभिकारक आपस में आयन बदलते हैं।

  • (i)

    अवक्षेप पीले रंग का होता है, और यह लेड आयोडाइड (PbI₂) है। आयनों के आदान-प्रदान से लेड आयोडाइड (PbI₂) और पोटैशियम नाइट्रेट (KNO₃) बनते हैं। पीले अवक्षेप की बात NCERT की एक्ज़ेम्प्लर पुस्तक के अध्याय 1, प्रश्न 13 में है।

  • (ii)

    Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq)

    बाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2=दाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2

  • (iii)

    हाँ: लेड, आयोडाइड से जुड़ता है और पोटैशियम, नाइट्रेट से।

पृष्ठ 2, 13

किताब का प्रश्न पृष्ठ 15

क्रियाकलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर देखिए

लेड नाइट्रेट और पोटैशियम आयोडाइड की अभिक्रिया (क्रियाकलाप 1.2):

  • Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) → PbI2(s) + 2KNO3(aq)

    बाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2=दाईं ओर Pb 1, N 2, O 6, K 2, I 2

  • दोनों अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, और लेड आयोडाइड का अवक्षेप बनता है।

पृष्ठ 13

11. उपचयन और अपचयन (रेडॉक्स)★★

(पृष्ठ 13–14) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 1, 16, 17

क्रियाकलाप 1.11: कॉपर चूर्ण गर्म करना

  • चायना डिश में 1 g कॉपर चूर्ण लेकर उसे तिपाई पर रखी जाली के ऊपर बर्नर से गर्म कीजिए।
  • दिखता क्या है: “कॉपर चूर्ण की सतह पर कॉपर ऑक्साइड (II) की काली परत चढ़ जाती है।” यह काला कॉपर ऑक्साइड, कॉपर में ऑक्सीजन के योग से बनता है।
कॉपर चूर्णयुक्त चायनाडिशजालीतिपाईबर्नर
चित्र 1.10 — कॉपर का कॉपर ऑक्साइड में उपचयनकिताब के पृष्ठ 13 के चित्र 1.10 के आधार पर हमारा बनाया चित्र
ताँबे के रंग की धातु की पट्टी, जिस पर जगह-जगह काले धब्बे हैं।
गर्म की गई कॉपर की पट्टी पर काला कॉपर ऑक्साइडImage: Mauro Cateb, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.

2Cu + O2 तापन→ 2CuO (1.28)

गर्म कॉपर ऑक्साइड (CuO) के ऊपर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर सतह की काली परत भूरे रंग की हो जाती है, क्योंकि अब उलटी अभिक्रिया होती है और कॉपर मिलता है:

CuO + H2 तापन→ Cu + H2O (1.29)

उपचयन (oxidation) और अपचयन (reduction): “अभिक्रिया के समय जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है तो कहते हैं कि उसका उपचयन हुआ है।” और “जब अभिक्रिया में किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास होता है तो कहते हैं कि उसका अपचयन हुआ है।”

(1.29) में कॉपर (II) ऑक्साइड से ऑक्सीजन का ह्रास होता है, इसलिए कॉपर ऑक्साइड अपचयित होता है; हाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है, इसलिए हाइड्रोजन उपचयित होता है। “किसी अभिक्रिया में एक अभिकारक उपचयित तथा दूसरा अभिकारक अपचयित होता है। इन अभिक्रियाओं को उपचयन-अपचयन अथवा रेडॉक्स अभिक्रियाएँ कहते हैं।”

CuO + H2 तापन→ Cu + H2O (1.30)

किताब (1.30) पर दो निशान बनाती है: H₂ से H₂O तक “उपचयन”, और CuO से Cu तक “अपचयन”।

(1.30) में कौन उपचयित, कौन अपचयित

अभिक्रियाCuO + H2 तापन→ Cu + H2Oगर्म कॉपर ऑक्साइड के ऊपर हाइड्रोजन गैस
अपचयनCuO से Cuकॉपर ऑक्साइड से ऑक्सीजन का ह्रास, इसलिए कॉपर ऑक्साइड अपचयित
उपचयनH₂ से H₂Oहाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि, इसलिए हाइड्रोजन उपचयित
रेडॉक्सउपचयन-अपचयन अभिक्रियाएक अभिकारक उपचयित, दूसरा अपचयित
NCERT, पृष्ठ 13–14

रेडॉक्स के दो और उदाहरण:

ZnO + C → Zn + CO (1.31)

MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2 (1.32)

  • (1.31) में कार्बन उपचयित होकर CO बनता है, और ZnO अपचयित होकर Zn।
  • “अभिक्रिया (1.32) में HCl, Cl₂ में उपचयित तथा MnO₂, MnCl₂ में अपचयित हुआ है।”

पूरा नियम: “पदार्थ का उपचयन तब होता है, जब उसमें ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन का ह्रास होता है। पदार्थ का अपचयन तब होता है, जब उसमें ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि होती है।”

उपचयनअपचयन
ऑक्सीजनवृद्धि (मिलती है)ह्रास (निकलती है)
हाइड्रोजनह्रास (निकलती है)वृद्धि (मिलती है)
किताब का उदाहरणCu से CuO (1.28); H₂ से H₂O (1.29); HCl से Cl₂ (1.32)CuO से Cu (1.29); ZnO से Zn (1.31); MnO₂ से MnCl₂ (1.32)
पृष्ठ13–1413–14

किताब पूछती है पृष्ठ 14

मैग्नीशियम रिबन वायु (ऑक्सीजन) में चमकदार ज्वाला के साथ जलकर श्वेत मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है (क्रियाकलाप 1.1)। इसमें मैग्नीशियम का उपचयन होता है या अपचयन?

उत्तर देखिए

उपचयन, क्योंकि मैग्नीशियम में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है।

किताब का प्रश्न पृष्ठ 15

निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए:

  1. (i)4Na(s) + O2(g) → 2Na2O(s)
  2. (ii)CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l)
उत्तर देखिए

जिस पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि हो वह उपचयित, जिससे ऑक्सीजन का ह्रास हो वह अपचयित:

  • (i)

    सोडियम (Na) में ऑक्सीजन की वृद्धि होकर Na₂O बनता है, इसलिए सोडियम उपचयित है। एक अभिकारक उपचयित हो तो दूसरा अपचयित होता है, इसलिए ऑक्सीजन (O₂) अपचयित है।

  • (ii)

    कॉपर ऑक्साइड (CuO) से ऑक्सीजन का ह्रास होकर Cu बनता है, इसलिए CuO अपचयित है; हाइड्रोजन (H₂) में ऑक्सीजन की वृद्धि होकर H₂O बनता है, इसलिए H₂ उपचयित है।

पृष्ठ 13, 14

12. दैनिक जीवन में उपचयन: संक्षारण और विकृतगंधिता★★

(पृष्ठ 14–15) · किताब की प्रश्नावली में: प्रश्न 18, 19, 20

संक्षारण: लोहे की बनी नई वस्तुएँ चमकीली होती हैं, पर कुछ समय बाद उन पर लालिमायुक्त भूरे रंग की परत चढ़ जाती है; इसे लोहे पर जंग लगना कहते हैं। “जब कोई धातु अपने आस-पास अम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में आती है तब ये संक्षारित होती हैं और इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।”

  • लोहे पर जंग: लालिमायुक्त भूरी परत
  • चाँदी पर काली परत
  • ताँबे पर हरी परत
लोहे की सतह पर लालिमायुक्त भूरी, खुरदरी परत, पास से।
लोहे पर जंगImage: Laitr Keiows, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.
हाथ में मशाल उठाए खड़ी ताँबे की बड़ी मूर्ति, जो पूरी हरे रंग की हो चुकी है।
ताँबे पर हरी परत: न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टीImage: Elcobbola, via Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0.

संक्षारण से कार के ढाँचे, पुल, लोहे की रेलिंग, जहाज़ और धातु की, ख़ासकर लोहे की बनी वस्तुओं को बहुत क्षति होती है। “लोहे का संक्षारण एक गंभीर समस्या है।” क्षतिग्रस्त लोहे को बदलने में हर वर्ष बहुत पैसा खर्च होता है।

विकृतगंधिता: वसा या तेल वाली खाद्य सामग्री लंबे समय तक रखी रहे तो उसका स्वाद और गंध बदल जाते हैं। “उपचयित होने पर तेल एवं वसा विकृतगंधी हो जाते हैं तथा उनके स्वाद तथा गंध बदल जाते हैं।” इसे रोकने के किताब के तीन तरीके:

  • तैलीय और वसायुक्त खाद्य सामग्री में उपचयन रोकने वाले पदार्थ, प्रति ऑक्सीकारक (antioxidant), मिलाए जाते हैं।
  • वायुरोधी बर्तनों में खाद्य सामग्री रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है।
  • चिप्स बनाने वाले चिप्स की थैली से ऑक्सीजन हटाकर उसमें नाइट्रोजन जैसी कम सक्रिय गैस भर देते हैं, ताकि चिप्स का उपचयन न हो।

दैनिक जीवन में उपचयन के दो असर

संक्षारणधातु परअम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में धातु संक्षारित होती है
विकृतगंधितातेल और वसा मेंउपचयित होने पर तेल और वसा विकृतगंधी हो जाते हैं
पहचानधातु की सतह पर परत चढ़ जाती है
  • लोहे पर लालिमायुक्त भूरी परत (जंग)
  • चाँदी पर काली परत
  • ताँबे पर हरी परत
पहचानलंबे समय तक रखी खाद्य सामग्री में
  • स्वाद बदल जाता है
  • गंध बदल जाती है
नुकसानकार के ढाँचे, पुल, लोहे की रेलिंग और जहाज़ को बहुत क्षतिक्षतिग्रस्त लोहे को बदलने में हर वर्ष बहुत पैसा खर्च होता है
बचावरोकने के तीन तरीके
  • प्रति ऑक्सीकारक (antioxidant) मिलाना
  • वायुरोधी बर्तन में रखना
  • चिप्स की थैली में नाइट्रोजन भरना
NCERT, पृष्ठ 14–15

13. सारे समीकरण एक जगह★★

संख्यासमीकरणअभिक्रिया का प्रकारपृष्ठ
(1.1)मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड–2
(1.2)Mg + O2 → MgO–3
बिना संख्याजिंक + सल्फ़्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फ़ेट + हाइड्रोजन–3
(1.3)Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2–3
(1.4)Fe + H2O → Fe3O4 + H2–4
(1.5)Fe + H2O → Fe3O4 + H2–4
(1.6)Fe + 4H2O → Fe3O4 + H2–5
(1.7)Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2–5
(1.8)3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2–5
(1.9)3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2–5
(1.10)3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)–6
बिना संख्याCO(g) + 2H2(g) 340atm→ CH3OH(l)–6
(1.12)6CO2(aq) + 12H2O(l) सूर्य–प्रकाश, क्लोरोफिल→ C6H12O6(aq) + 6O2(aq) + 6H2O(l)–6
(1.13)CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मासंयोजन; ऊष्माक्षेपी7
(1.14)Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s) + H2O(l)–7
(1.15)C(s) + O2(g) → CO2(g)संयोजन7
(1.16)2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l)संयोजन8
(1.17)CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जाऊष्माक्षेपी8
बिना संख्याC6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जाऊष्माक्षेपी (श्वसन)8
(1.19)2FeSO4(s) ऊष्मा→ Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)वियोजन9
(1.20)CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g)वियोजन; ऊष्मीय वियोजन9
(1.21)2Pb(NO3)2(s) तापन→ 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g)ऊष्मीय वियोजन9
(1.22)2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g)वियोजन (प्रकाश से)10
(1.23)2AgBr(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Br2(g)वियोजन (प्रकाश से)10
(1.24)Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)विस्थापन12
(1.25)Zn(s) + CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s)विस्थापन12
(1.26)Pb(s) + CuCl2(aq) → PbCl2(aq) + Cu(s)विस्थापन12
(1.27)Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)द्विविस्थापन; अवक्षेपण13
(1.28)2Cu + O2 तापन→ 2CuOउपचयन (कॉपर का)13
(1.29)CuO + H2 तापन→ Cu + H2Oउपचयन-अपचयन13
(1.30)CuO + H2 तापन→ Cu + H2Oउपचयन-अपचयन (रेडॉक्स)14
(1.31)ZnO + C → Zn + COरेडॉक्स14
(1.32)MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2रेडॉक्स14

किताब में (1.11) और (1.18) संख्या वाले समीकरण नहीं हैं; मेथेनॉल और श्वसन वाले समीकरण बिना संख्या के हैं।

14. ये ग़लतियाँ मत कीजिएध्यान

ग़लतीसही बातपृष्ठ
! CaO को बुझा हुआ चूना लिखनाCaO = बिना बुझा हुआ चूना; पानी मिलने पर बनता है बुझा हुआ चूना, Ca(OH)₂। किताब में भी क्रियाकलाप 1.4 (“कैल्सियम ऑक्साइड तथा बुझा हुआ चूना”) और (1.20) में CaO(s) के नीचे “(बुझा हुआ चूना)” छपाई की चूक है7, 9
संतुलन के लिए सूत्र बदल देना, जैसे H₂O₄ या (H₂O)₄सिर्फ़ सूत्र के आगे गुणांक लगता है: 4 H₂O; सूत्र कभी नहीं बदलता4–5
ढाँचा समीकरण Mg + O2 → MgO को ही उत्तर में लिख देनाउसमें ऑक्सीजन बाईं ओर 2, दाईं ओर 1 है; संतुलित रूप 2Mg + O2 → 2MgO3
प्रश्न अवस्था के संकेत माँगे, फिर भी न लिखनाठोस (s), द्रव (l), गैस (g), जलीय विलयन (aq); अवक्षेप BaSO₄(s) ठोस है6, 13
विस्थापन और द्विविस्थापन को एक समझनाविस्थापन में एक तत्व दूसरे को हटाता है (1.24); द्विविस्थापन में दोनों अभिकारक आयन बदलते हैं (1.27)12–13
सिल्वर क्लोराइड का रंग गड़बड़ानाधूप में श्वेत सिल्वर क्लोराइड धूसर हो जाता है10
वियोजन में ऊर्जा निकलती है, ऐसा माननावियोजन में अभिकारक तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत ऊर्जा लगती है11
उत्पाद को उपचयित या अपचयित बतानाउपचयित या अपचयित अभिकारक होता है: (1.31) में कार्बन उपचयित होकर CO बनता है, ZnO अपचयित होकर Zn14

15. अपने को जाँचिए: अभ्यास के प्रश्न और उत्तर★★

(पृष्ठ 16–18)

1नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?

2PbO(s) + C(s) → 2Pb(s) + CO2(g)

  1. (a)सीसा अपचयित हो रहा है।
  2. (b)कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।
  3. (c)कार्बन उपचयित हो रहा है।
  4. (d)लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (i) (a) एवं (b)

सीसा (Pb) और कार्बन डाइऑक्साइड उत्पाद हैं। अपचयित लेड ऑक्साइड होता है (PbO से ऑक्सीजन का ह्रास) और उपचयित कार्बन (C में ऑक्सीजन की वृद्धि), इसलिए (c) और (d) सत्य, (a) और (b) असत्य हैं।

2Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe
ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया

ऐल्युमिनियम, आयरन ऑक्साइड (Fe₂O₃) से आयरन को हटाकर ऐल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) बनाता है: एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित करता है।

3लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

जैसे दानेदार जिंक पर तनु अम्ल डालने से हाइड्रोजन गैस निकलती है (क्रियाकलाप 1.3) और मैग्नीशियम, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से मैग्नीशियम क्लोराइड और हाइड्रोजन देता है (प्रश्न 8 d), वैसे ही लोहा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से आयरन क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस देता है।

4संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

उत्तर देखिए

जिस रासायनिक समीकरण में बाईं और दाईं ओर हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो, वह संतुलित रासायनिक समीकरण है।

  • उदाहरण: Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2 (1.3) में दोनों ओर Zn 1, H 2, S 1, O 4 हैं।

  • क्यों आवश्यक: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है। इसलिए उत्पादों के तत्वों का कुल द्रव्यमान, अभिकारकों के तत्वों के कुल द्रव्यमान के बराबर होना चाहिए, यानी दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर हों।

  • ढाँचा समीकरण Mg + O2 → MgO (1.2) में ऑक्सीजन बाईं ओर 2 और दाईं ओर 1 है, इसलिए वह संतुलित नहीं है।

पृष्ठ 3, 15

5निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए।

  1. (a)नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है।
  2. (b)हाइड्रोजन सल्फ़ाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फ़र डाइऑक्साइड बनता है।
  3. (c)ऐल्युमिनियम सल्फ़ेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐल्युमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप देता है।
  4. (d)पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।
उत्तर देखिए

हर कथन का संतुलित समीकरण, परमाणुओं की गिनती के साथ:

  • (a)

    N2 + 3H2 → 2NH3

    बाईं ओर N 2, H 6=दाईं ओर N 2, H 6

  • (b)

    2H2S + 3O2 → 2H2O + 2SO2

    बाईं ओर H 4, S 2, O 6=दाईं ओर H 4, S 2, O 6

  • (c)

    बेरियम क्लोराइड, ऐल्युमिनियम सल्फ़ेट के साथ अभिक्रिया करके ऐल्युमिनियम क्लोराइड और बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप देता है:

    3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3

    बाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12=दाईं ओर Ba 3, Cl 6, Al 2, S 3, O 12

  • (d)

    2K + 2H2O → 2KOH + H2

    बाईं ओर K 2, H 4, O 2=दाईं ओर K 2, H 4, O 2

पृष्ठ 17

6निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:

  1. (a)HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O
  2. (b)NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + H2O
  3. (c)NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
  4. (d)BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCl
उत्तर देखिए

सूत्र वही रहते हैं, सिर्फ़ गुणांक लगते हैं:

  • (a)

    2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O

    बाईं ओर H 4, N 2, O 8, Ca 1=दाईं ओर H 4, N 2, O 8, Ca 1

  • (b)

    2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O

    बाईं ओर Na 2, O 6, H 4, S 1=दाईं ओर Na 2, O 6, H 4, S 1

  • (c)

    NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3 (पहले से संतुलित)

    बाईं ओर Na 1, Cl 1, Ag 1, N 1, O 3=दाईं ओर Na 1, Cl 1, Ag 1, N 1, O 3

  • (d)

    BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl

    बाईं ओर Ba 1, Cl 2, H 2, S 1, O 4=दाईं ओर Ba 1, Cl 2, H 2, S 1, O 4

पृष्ठ 17

7निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:

  1. (a)कैल्शियम हाइड्रोक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्शियम कार्बोनेट + जल
  2. (b)जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर
  3. (c)ऐल्युमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐल्युमिनियम क्लोराइड + कॉपर
  4. (d)बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + पोटैशियम क्लोराइड
उत्तर देखिए

शब्दों की जगह सूत्र लिखकर संतुलित कीजिए:

  • (a)

    Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O (यही किताब का समीकरण 1.14 है)

    बाईं ओर Ca 1, O 4, H 2, C 1=दाईं ओर Ca 1, O 4, H 2, C 1

  • (b)

    Zn + 2AgNO3 → Zn(NO3)2 + 2Ag

    बाईं ओर Zn 1, Ag 2, N 2, O 6=दाईं ओर Zn 1, Ag 2, N 2, O 6

  • (c)

    2Al + 3CuCl2 → 2AlCl3 + 3Cu

    बाईं ओर Al 2, Cu 3, Cl 6=दाईं ओर Al 2, Cu 3, Cl 6

  • (d)

    BaCl2 + K2SO4 → BaSO4 + 2KCl

    बाईं ओर Ba 1, Cl 2, K 2, S 1, O 4=दाईं ओर Ba 1, Cl 2, K 2, S 1, O 4

पृष्ठ 7, 17

8निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।

  1. (a)पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s)
  2. (b)जिंक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g)
  3. (c)हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g)
  4. (d)मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)
उत्तर देखिए

समीकरण, परमाणुओं की गिनती और प्रकार:

  • (a)

    2KBr(aq) + BaI2(aq) → 2KI(aq) + BaBr2(s)

    द्विविस्थापन (आयनों का आदान-प्रदान; ठोस BaBr₂ बनता है, इसलिए अवक्षेपण भी)

    बाईं ओर K 2, Br 2, Ba 1, I 2=दाईं ओर K 2, Br 2, Ba 1, I 2

  • (b)

    ZnCO3(s) → ZnO(s) + CO2(g)

    वियोजन (एक अभिकारक से दो उत्पाद)

    बाईं ओर Zn 1, C 1, O 3=दाईं ओर Zn 1, C 1, O 3

  • (c)

    H2(g) + Cl2(g) → 2HCl(g)

    संयोजन (दो पदार्थों से एक उत्पाद)

    बाईं ओर H 2, Cl 2=दाईं ओर H 2, Cl 2

  • (d)

    Mg(s) + 2HCl(aq) → MgCl2(aq) + H2(g)

    विस्थापन (मैग्नीशियम, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन को हटाता है)

    बाईं ओर Mg 1, H 2, Cl 2=दाईं ओर Mg 1, H 2, Cl 2

पृष्ठ 17

9ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर देखिए

जिस अभिक्रिया में उत्पाद के साथ ऊष्मा उत्पन्न होती है, वह ऊष्माक्षेपी है; जिसमें ऊर्जा अवशोषित होती है, वह ऊष्माशोषी।

  • ऊष्माक्षेपी: CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + ऊष्मा (1.13); प्राकृतिक गैस का दहन CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जा (1.17)

  • ऊष्माशोषी: वियोजन में अभिकारक तोड़ने के लिए ऊर्जा लगती है, जैसे CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (1.20) और 2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) (1.22)

पृष्ठ 7, 8, 9, 10, 11

10श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।

उत्तर देखिए

क्योंकि श्वसन में ग्लूकोज़ और ऑक्सीजन की अभिक्रिया से ऊर्जा निकलती है।

  • पाचन में चावल, आलू, ब्रेड जैसे भोजन का कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज़ बनता है।

  • यह ग्लूकोज़ शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा देता है; इसी ऊर्जा से हम जीवित रहते हैं।

  • C6H12O6(aq) + 6O2(aq) → 6CO2(aq) + 6H2O(l) + ऊर्जा

पृष्ठ 8

11वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर देखिए

संयोजन में कई पदार्थ मिलकर एक पदार्थ बनाते हैं, जबकि वियोजन में एक पदार्थ टूटकर कई पदार्थ देता है।

  • किताब के सार में: “संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।”

  • और: “वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती है। वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ देता है।”

  • संयोजन: 2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l) (1.16)

  • वियोजन: CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (1.20)

पृष्ठ 8, 9, 15

12उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए, जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।

उत्तर देखिए

तीनों रूपों का एक-एक उदाहरण:

  • ऊष्मा: CaCO3(s) ऊष्मा→ CaO(s) + CO2(g) (1.20)

  • प्रकाश: 2AgCl(s) सूर्य का प्रकाश→ 2Ag(s) + Cl2(g) (1.22)

  • विद्युत: जल का वैद्युतअपघटन (क्रियाकलाप 1.7); जल के सूत्र H₂O से बना समीकरण:

    2H2O(l) विद्युत→ 2H2(g) + O2(g)

    बाईं ओर H 4, O 2=दाईं ओर H 4, O 2

पृष्ठ 9, 10

13विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।

उत्तर देखिए

विस्थापन में एक तत्व दूसरे तत्व को उसके यौगिक से हटाता है; द्विविस्थापन में दो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है।

  • विस्थापन: Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) (1.24); लोहा, कॉपर सल्फ़ेट से कॉपर को हटाता है।

  • द्विविस्थापन: Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq) (1.27); दोनों अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, और जल में अविलेय BaSO₄ का श्वेत अवक्षेप बनता है।

पृष्ठ 12, 13

14सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर देखिए

कॉपर, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर को हटाकर कॉपर नाइट्रेट बनाता है:

  • Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)

    बाईं ओर Cu 1, Ag 2, N 2, O 6=दाईं ओर Cu 1, Ag 2, N 2, O 6

पृष्ठ 17

15अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर देखिए

जिस अभिक्रिया में जल में अविलेय पदार्थ, अवक्षेप, बनता है, वह अवक्षेपण अभिक्रिया है।

  • उदाहरण (क्रियाकलाप 1.10): सोडियम सल्फ़ेट और बेरियम क्लोराइड के विलयन मिलाने पर बेरियम सल्फ़ेट का श्वेत अवक्षेप बनता है; सोडियम क्लोराइड विलयन में ही रहता है।

  • Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq) (1.27)

पृष्ठ 13

16ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए।

  1. (a)उपचयन
  2. (b)अपचयन
उत्तर देखिए

किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि उपचयन है, और ऑक्सीजन का ह्रास अपचयन।

  • (a)

    उपचयन: 2Cu + O2 तापन→ 2CuO (1.28) में कॉपर में ऑक्सीजन की वृद्धि; CuO + H2 तापन→ Cu + H2O (1.29) में हाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि।

  • (b)

    अपचयन: (1.29) में कॉपर ऑक्साइड से ऑक्सीजन का ह्रास होकर Cu; ZnO + C → Zn + CO (1.31) में ZnO से ऑक्सीजन का ह्रास होकर Zn।

पृष्ठ 13, 14

17एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।

उत्तर देखिए

‘X’ कॉपर (Cu) है, और काला यौगिक कॉपर ऑक्साइड (CuO) है।

  • कॉपर चूर्ण गर्म करने पर उसकी सतह पर कॉपर ऑक्साइड (II) की काली परत चढ़ जाती है: 2Cu + O2 तापन→ 2CuO (1.28)

  • गर्म CuO पर हाइड्रोजन प्रवाहित करने से काली परत फिर भूरी हो जाती है, यानी कॉपर का रंग भूरा है।

पृष्ठ 13

18लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?

उत्तर देखिए

लोहे को जंग (संक्षारण) से बचाने के लिए।

  • धातु अपने आस-पास अम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में आने पर संक्षारित होती है, और लोहे पर लालिमायुक्त भूरी परत चढ़ जाती है।

  • पेंट की परत लोहे को आस-पास के अम्ल, आर्द्रता आदि के सीधे संपर्क से अलग रखती है।

  • संक्षारण से कार के ढाँचे, पुल, रेलिंग और जहाज़ जैसी लोहे की वस्तुओं को बहुत क्षति होती है।

पृष्ठ 14, 15

19तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?

उत्तर देखिए

ताकि तेल और वसा का उपचयन न हो और वे विकृतगंधी न हों।

  • उपचयित होने पर तेल और वसा का स्वाद और गंध बदल जाते हैं।

  • इसलिए चिप्स की थैली से ऑक्सीजन हटाकर उसमें नाइट्रोजन जैसी कम सक्रिय गैस भरी जाती है।

पृष्ठ 15

20निम्नलिखित पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए:

  1. (a)संक्षारण
  2. (b)विकृतगंधिता
उत्तर देखिए

दोनों दैनिक जीवन में उपचयन के असर हैं:

  • (a)

    संक्षारण: जब कोई धातु आस-पास के अम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में आकर संक्षारित होती है। उदाहरण: लोहे पर जंग लगना, यानी लालिमायुक्त भूरी परत (चाँदी पर काली और ताँबे पर हरी परत भी)।

  • (b)

    विकृतगंधिता: तेल और वसा उपचयित होकर विकृतगंधी हो जाते हैं, और उनका स्वाद और गंध बदल जाते हैं। उदाहरण: वसायुक्त या तैलीय खाद्य सामग्री लंबे समय तक रखी रहे तो उसका स्वाद और गंध बदल जाते हैं।

पृष्ठ 14, 15

सामूहिक क्रियाकलाप

चार बीकर A, B, C, D लीजिए। A, B और C में 25 mL जल, और D में कॉपर सल्फ़ेट का विलयन लेकर हर द्रव का तापमान नोट कीजिए। फिर दो स्पैचुला के बराबर पोटैशियम सल्फ़ेट (A में), अमोनियम नाइट्रेट (B में), निर्जल कॉपर सल्फ़ेट (C में) और लोहे की छीलन (D में) डालकर हिलाइए, और हर मिश्रण का तापमान फिर नापिए।

किताब पूछती है कि इनमें कौन सी अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी हैं और कौन सी ऊष्माशोषी। तापमान बढ़े तो ऊष्मा निकली (ऊष्माक्षेपी); तापमान घटे तो ऊष्मा ली गई (ऊष्माशोषी)।

(पृष्ठ 18)