अध्याय 5उपभोक्ता अधिकार

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NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5

कुल 65 प्रश्न

तारों का मतलब: ★ज़रूरी · ★★बहुत ज़रूरी; समय कम हो तो पहले ये प्रश्न और ये बातें दोहराइए।


खण्ड क — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक) — 20 प्रश्न

पृष्ठ संख्याएँ NCERT की किताब “आर्थिक विकास की समझ” (कक्षा 10) के 2026-27 में छपे संस्करण की हैं।

1किताब के अनुसार 1960 के दशक में भारत में उपभोक्ता आंदोलन का व्यवस्थित रूप में उदय किन कारणों से हुआ?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) अत्यधिक खाद्य कमी, जमाखोरी, कालाबाज़ारी और खाद्य पदार्थों व खाद्य तेल में मिलावट से

व्याख्या: किताब के शब्द हैं: “अत्यधिक खाद्य कमी, जमाखोरी, कालाबाजारी, खाद्य पदार्थों एवं खाद्य तेल में मिलावट की वजह से 1960 के दशक में व्यवस्थित रूप में उपभोक्ता आंदोलन का उदय हुआ।” संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निर्देश 1985 में और कोपरा का संशोधन 2019 में आया, यानी बहुत बाद में।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 77

2संयुक्त राष्ट्र ने उपभोक्ता सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश किस वर्ष अपनाए?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) 1985

व्याख्या: 1985 में संयुक्त राष्ट्र ने उपभोक्ता सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश अपनाए, और यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता आंदोलन का आधार बना। 1986 भारत में कोपरा का वर्ष है, 2005 RTI का और 2019 कोपरा के संशोधन का।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 78

3किताब के अनुसार उपभोक्ता इंटरनेशनल क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) 100 से अधिक देशों की 200 संस्थाओं की संरक्षक संस्था

व्याख्या: किताब के अनुसार आज उपभोक्ता इंटरनेशनल 100 से भी अधिक देशों की 200 संस्थाओं की संरक्षक संस्था बन गया है। किताब के प्रश्न 12 में भी इसे उपभोक्ता कल्याण संगठनों की अंतर्राष्ट्रीय संस्था कहा गया है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 78, 87

4COPRA (कोपरा) किस कानून का नाम है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986

व्याख्या: 1986 में भारत सरकार ने उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम बनाकर बड़ा कदम उठाया। यही कानून COPRA (कोपरा) के नाम से प्रसिद्ध है, और 2019 में इसका संशोधन किया गया।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 78

5रेजी के मामले में राज्य आयोग ने मामला खारिज कर दिया। इसके बाद उसके पिता ने अपील कहाँ की?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयोग में

व्याख्या: राज्य आयोग ने कहा कि सबूत पर्याप्त नहीं है। तब रेजी के पिता ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयोग में अपील की, जिसने अस्पताल को चिकित्सा में लापरवाही का दोषी पाया और हर्जाना देने का निर्देश दिया। अपील नीचे के आयोग से ऊपर के आयोग में जाती है, ज़िला आयोग में नहीं। (पृष्ठ 79 के बॉक्स में “राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण समिति” और राष्ट्रीय समिति छपा है; सही नाम आयोग है, जैसा पृष्ठ 84 पर है।)

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 79

6प्रेशर कूकर का खराब सेफ्टी वॉल्व भयंकर दुर्घटना का कारण बन सकता है। किताब यह उदाहरण किस अधिकार को समझाने के लिए देती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) सुरक्षा का अधिकार

व्याख्या: जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षित रहना उपभोक्ता का अधिकार है। इसीलिए सेफ्टी वॉल्व के निर्माता को उसकी उच्च गुणवत्ता पक्की करनी चाहिए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 79

7अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के बारे में किताब के अनुसार कौन-सी बात सही है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) उपभोक्ता MRP से कम दाम के लिए मोल-भाव कर सकता है

व्याख्या: मुद्रित मूल्य से अधिक लेने पर कोई भी विरोध और शिकायत कर सकता है। किताब कहती है कि उपभोक्ता, विक्रेता से “अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से कम दाम पर वस्तु देने के लिए मोल–भाव कर सकते हैं।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80

8भारत सरकार ने सूचना पाने का अधिकार (RTI) कानून कब लागू किया?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) सन् 2005 के अक्टूबर में

व्याख्या: सन् 2005 के अक्टूबर में लागू यह कानून नागरिकों को सरकारी विभागों के कार्य-कलापों की सभी सूचनाएँ पाने का अधिकार देता है। किताब में अमृता का उदाहरण इसी कानून का है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80

9अबिरामी के मामले में ज़िला उपभोक्ता आयोग ने कोचिंग संस्थान को कितने रुपये लौटाने का आदेश दिया?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) 28,000

व्याख्या: अबिरामी ने पूरे दो वर्ष के लिए करीब 61,020 रुपये जमा किए थे। ज़िला आयोग ने 28,000 रुपये लौटाने का आदेश दिया। 25,000 का दंड और 7,000 रुपये का मुआवज़ा और याचिका खर्च बाद में राज्य आयोग ने लगाए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 81

10दुकानदार कहता है कि दंतमंजन तभी मिलेगा, जब आप उसके साथ ब्रश भी खरीदेंगे। आप ब्रश नहीं लेना चाहते। आपके किस अधिकार का उल्लंघन हुआ?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) चुनने का अधिकार

व्याख्या: बिना चाही वस्तु खरीदने पर दबाव डालना चुनने के अधिकार का उल्लंघन है। किताब का दूसरा उदाहरण है: नया गैस कनेक्शन लेने पर गैस डीलर साथ में चूल्हा लेने का दबाव डालता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 81

11क्षतिपूर्ति निवारण के अधिकार में उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति किस आधार पर मिलती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) क्षति की मात्रा के आधार पर

व्याख्या: किताब के अनुसार यदि उपभोक्ता को कोई क्षति पहुँचाई जाती है, तो “क्षति की मात्रा के आधार पर उसे क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार होता है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 82

12क्लास एक्शन सूट किसे कहते हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) उपभोक्ताओं के समूह के रूप में दर्ज की गई शिकायत

व्याख्या: आजकल उपभोक्ता एक व्यक्ति के रूप में या एक समूह के रूप में शिकायत दर्ज करा सकते हैं; समूह के रूप में की गई शिकायत क्लास एक्शन सूट कहलाती है। शिकायत इंटरनेट से भी हो सकती है, और मुकदमे की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 82

13पोस्ट-ऑफिस से संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रकाश सलाह लेने कहाँ गए?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) क्षेत्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद् में

व्याख्या: प्रकाश का भेजा मनीऑर्डर उनकी बेटी तक नहीं पहुँचा। पोस्ट-ऑफिस से संतोषजनक जवाब न मिलने पर वे क्षेत्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद् में सलाह लेने गए, और फिर नयी दिल्ली के ज़िला स्तर के आयोग में मुकदमा दर्ज किया।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 82, 83

14किताब के अनुसार ज़िला उपभोक्ता आयोग कितनी रकम तक के दावों से संबंधित मुकदमे देखता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) 1 करोड़ तक

व्याख्या: किताब में त्रिस्तरीय तंत्र इस तरह दिया है: ज़िला आयोग 1 करोड़ तक, राज्य आयोग 1 करोड़ से 10 करोड़ तक, और राष्ट्रीय आयोग 10 करोड़ से ऊपर के दावे देखता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 84

15आवासीय कॉलोनी के किसी सदस्य के साथ अनुचित व्यावसायिक कार्रवाई हो, तो उसकी तरफ़ से मामला कौन-सी संस्था देखती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) निवासी कल्याण संघ

व्याख्या: किताब कहती है कि आवासीय कॉलोनी में ‘निवासी कल्याण संघ’ का नामपट्ट दिखता है, और किसी सदस्य के साथ अनुचित व्यावसायिक कार्रवाई होने पर यह संस्था उसकी तरफ़ से मामला देखती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 84

16किताब के अनुसार किन वस्तुओं के उत्पादकों के लिए गुणवत्ता संगठनों से प्रमाण लेना अनिवार्य है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) एल.पी.जी. सिलिंडर, सीमेंट और बोतलबंद पेयजल जैसी वस्तुओं के लिए

व्याख्या: किताब के अनुसार “सभी उत्पादकों का इन मानदण्डों का पालन करना जरूरी नहीं होता।” पर जो वस्तुएँ उपभोक्ता की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर असर डालती हैं, या बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती हैं, जैसे एल.पी.जी. सिलिंडर, खाने के रंग और उनकी सामग्री, सीमेंट और बोतलबंद पेयजल, उनके लिए प्रमाण लेना अनिवार्य है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 85

17किताब के अनुसार भारत में 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस क्यों मनाया जाता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) 1986 में इसी दिन भारतीय संसद ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम पारित किया था

व्याख्या: किताब में लिखा है: “1986 में इसी दिन भारतीय संसद ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम पारित किया था।” RTI के लिए किताब सन् 2005 का अक्टूबर बताती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80, 86

18किताब के अनुसार देश के 2000 से अधिक उपभोक्ता संगठनों में से कितने अपने कार्यों के लिए पूर्ण संगठित और मान्यता प्राप्त हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) केवल 50–60

व्याख्या: देश में 2000 से अधिक उपभोक्ता संगठन हैं, जिनमें से केवल 50–60 ही पूर्ण संगठित और मान्यता प्राप्त हैं। संख्या बढ़ी है, पर ज़्यादातर संगठन अभी पूरी तरह संगठित नहीं हैं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 86

19किताब के सुमेलन वाले प्रश्न (प्रश्न 12) में “एगमार्क” किससे मेल खाता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) अनाजों और खाद्य तेल का प्रमाण

व्याख्या: एगमार्क गुणवत्ता का प्रमाणक चिह्न है। (स) फूड फोर्टिफिकेशन से मेल खाता है, (द) उपभोक्ता इंटरनेशनल से, और (अ) उत्पाद के घटकों के विवरण से। (च) “वस्तुओं और सेवाओं के लिए मानक” भारतीय मानक ब्यूरो से मेल खाता है; इसके बाकी शब्द “विकसित करने वाली एजेंसी” किताब में बाएँ खाने में (4) के नीचे छपे हैं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 85, 87

202019 में कोपरा के संशोधन से क्या बदला?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) इंटरनेट के माध्यम से खरीद भी कानून में शामिल हो गई

व्याख्या: संशोधन के बाद इंटरनेट से खरीद भी शामिल है। सेवा में कमी या दोषपूर्ण उत्पाद पर सेवा प्रदाता और निर्माता, दोनों ज़िम्मेदार ठहराए जाएँगे और दंडित होंगे, जेल भी हो सकती है। आयोग के बाहर तटस्थ मध्यस्थ की सहायता से निपटारे को भी बढ़ावा दिया गया है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 87

खण्ड ख — रिक्त स्थान (1 अंक) — 10 प्रश्न

1भारत में उपभोक्ता आंदोलन का जन्म एक ______ के रूप में हुआ। (पृष्ठ 77)

उत्तर देखिए

भारत में उपभोक्ता आंदोलन का जन्म एक सामाजिक बल के रूप में हुआ। (पृष्ठ 77)

2______ तक उपभोक्ता संस्थाएँ उपभोक्ता अधिकार से जुड़े आलेख लिखने और प्रदर्शनी लगाने का काम करने लगी थीं। (पृष्ठ 77)

उत्तर देखिए

1970 के दशक तक उपभोक्ता संस्थाएँ उपभोक्ता अधिकार से जुड़े आलेख लिखने और प्रदर्शनी लगाने का काम करने लगी थीं। (पृष्ठ 77)

3उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 का संशोधन ______ में किया गया। (पृष्ठ 78)

उत्तर देखिए

उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 का संशोधन 2019 में किया गया। (पृष्ठ 78)

4रेजी के पिता ने राज्य आयोग में ______ के मुआवज़े का दावा किया। (पृष्ठ 79)

उत्तर देखिए

रेजी के पिता ने राज्य आयोग में 5,00,000 रुपये के मुआवज़े का दावा किया। (पृष्ठ 79)

5वस्त्र खरीदने पर उनके साथ ______ मिलते हैं। (पृष्ठ 80)

उत्तर देखिए

वस्त्र खरीदने पर उनके साथ धुलाई संबंधी निर्देश मिलते हैं। (पृष्ठ 80)

6अबिरामी ने पूरे दो वर्ष के पाठ्यक्रम के लिए करीब ______ जमा किए थे। (पृष्ठ 81)

उत्तर देखिए

अबिरामी ने पूरे दो वर्ष के पाठ्यक्रम के लिए करीब 61,020 रुपये जमा किए थे। (पृष्ठ 81)

7किताब के अनुसार राज्य उपभोक्ता आयोग ______ के दावों से संबंधित मुकदमे देखता है। (पृष्ठ 84)

उत्तर देखिए

किताब के अनुसार राज्य उपभोक्ता आयोग 1 करोड़ से 10 करोड़ तक के दावों से संबंधित मुकदमे देखता है। (पृष्ठ 84)

8______ आभूषणों की गुणवत्ता बनाए रखने वाला प्रमाण है। (पृष्ठ 85, 88)

उत्तर देखिए

हॉलमार्क आभूषणों की गुणवत्ता बनाए रखने वाला प्रमाण है। (पृष्ठ 85, 88)

9कोपरा के ______ बाद भी भारत में उपभोक्ता ज्ञान बहुत धीरे-धीरे फैल रहा है। (पृष्ठ 87)

उत्तर देखिए

कोपरा के 35 वर्ष बाद भी भारत में उपभोक्ता ज्ञान बहुत धीरे-धीरे फैल रहा है। (पृष्ठ 87)

10खाद्य पदार्थ में मुख्य पोषक तत्वों को मिलाना ______ कहलाता है। (पृष्ठ 87)

उत्तर देखिए

खाद्य पदार्थ में मुख्य पोषक तत्वों को मिलाना फूड फोर्टिफिकेशन कहलाता है। (पृष्ठ 87)

खण्ड ग — सही/ग़लत (1 अंक) — 6 प्रश्न

1कोपरा केवल सामानों पर लागू होता है।

उत्तर देखिए

ग़लत

(यह सेवाओं पर भी लागू है: रेजी का मामला अस्पताल की सेवा का, अबिरामी का कोचिंग का और प्रकाश का मनीऑर्डर का था; 2019 के संशोधन में सेवा प्रदाता भी ज़िम्मेदार है; पृष्ठ 79, 81, 82, 87)

2भारत उन देशों में से एक है, जहाँ उपभोक्ता समस्याओं के निवारण के लिए विशिष्ट न्यायालय हैं।

उत्तर देखिए

सही (पृष्ठ 86)

3उपभोक्ता आयोग में मुकदमा लड़ने के लिए वकील रखना ज़रूरी है।

उत्तर देखिए

ग़लत

(शिकायत “वकील की सेवा के बिना” भी दर्ज हो सकती है, और प्रकाश ने आयोग कार्यालय में अपने मुकदमे पर स्वयं बहस की; पृष्ठ 82, 83)

4उपभोक्ता समस्याओं के निवारण की प्रक्रिया अत्यंत सरल और शीघ्र होती है।

उत्तर देखिए

ग़लत

(किताब के अनुसार यह प्रक्रिया “जटिल, खर्चीली और समय साध्य” साबित हो रही है; पृष्ठ 86)

5उपभोक्ता आंदोलन ने वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता पक्की करने की ज़िम्मेदारी विक्रेताओं पर भी डाली।

उत्तर देखिए

सही (पृष्ठ 77)

6उपभोक्ता को मुआवज़ा पाने का अधिकार है, जो क्षति की मात्रा पर निर्भर करता है।

उत्तर देखिए

सही (पृष्ठ 82)

खण्ड घ — अति लघूत्तरीय प्रश्न (2 अंक) — 10 प्रश्न

1★बाज़ार में हम किन दो रूपों में भाग लेते हैं? उपभोक्ता के रूप में हमारी भागीदारी कब होती है?

उत्तर देखिए

बाज़ार में हमारी भागीदारी उत्पादक और उपभोक्ता, दोनों रूपों में होती है। उत्पादक के रूप में हम कृषि, उद्योग या सेवा जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। उपभोक्ता के रूप में हमारी भागीदारी तब होती है, जब हम अपनी ज़रूरत के अनुसार वस्तुएँ या सेवाएँ खरीदते हैं; उपभोक्ता जिन चीज़ों का उपभोग करते हैं, वे अंतिम वस्तुएँ होती हैं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 76

2★★उपभोक्ता इंटरनेशनल क्या है? 1985 का इससे क्या संबंध है?

उत्तर देखिए

1985 में संयुक्त राष्ट्र ने उपभोक्ता सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश अपनाए। ये उपभोक्ता की वकालत करने वाले समूहों के लिए अपनी सरकारों पर दबाव डालने का हथियार बने, और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता आंदोलन का आधार बने। आज उपभोक्ता इंटरनेशनल 100 से अधिक देशों की 200 संस्थाओं की संरक्षक संस्था है।

! संस्थाएँ 200 हैं और देश 100 से अधिक; दोनों संख्याएँ आपस में मत बदलिए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 78

3★★सुरक्षा का अधिकार क्या है? प्रेशर कूकर का उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर देखिए

जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षित रहने का अधिकार सुरक्षा का अधिकार है, और उत्पादकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। प्रेशर कूकर का सेफ्टी वॉल्व खराब हो, तो भयंकर दुर्घटना हो सकती है, इसलिए उसके निर्माता को उसकी उच्च गुणवत्ता पक्की करनी चाहिए। फिर भी बाज़ार में घटिया माल मिलता है, क्योंकि नियमों का पर्यवेक्षण ठीक से नहीं होता और “उपभोक्ता आंदोलन भी बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 79

4★★किसी वस्तु के पैकेट पर कौन-सी जानकारियाँ छपी होती हैं? यह किस अधिकार से जुड़ा है?

उत्तर देखिए

पैकेट पर वस्तु के अवयव, मूल्य, बैच संख्या, निर्माण की तारीख, खराब होने की अंतिम तिथि और बनाने वाले का पता छपा होता है। दवा के साथ ‘उचित प्रयोग के बारे में निर्देश’ और कपड़ों के साथ ‘धुलाई संबंधी निर्देश’ मिलते हैं। यह सूचना का अधिकार है; छपे मूल्य (MRP) से अधिक लेने पर कोई भी विरोध और शिकायत कर सकता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80

5★RTI कानून क्या है? अमृता को इससे क्या लाभ मिला?

उत्तर देखिए

सन् 2005 के अक्टूबर में लागू RTI (सूचना पाने का अधिकार) कानून नागरिकों को सरकारी विभागों के कार्य-कलापों की सभी सूचनाएँ पाने का अधिकार देता है। इंजीनियरिंग स्नातक अमृता को सरकारी विभाग में इंटरव्यू देने के बाद भी कोई रिज़ल्ट नहीं मिला। उसने इस कानून के तहत प्रार्थना-पत्र दिया, तो उसे देरी के कारण बताए गए और नियुक्ति के लिए बुलावे का पत्र भी मिला।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80

6★★चुनने का अधिकार क्या है? किताब के दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर देखिए

सेवा या वस्तु लेते समय हर उपभोक्ता को, उसकी आयु या लिंग कुछ भी हो, चुनने का अधिकार है; उस पर बिना चाही वस्तु थोपी नहीं जा सकती। उदाहरण: (1) दुकानदार कहे कि दंतमंजन तभी मिलेगा जब साथ में ब्रश भी खरीदें; (2) नया गैस कनेक्शन देते समय गैस डीलर साथ में चूल्हा लेने का दबाव डाले।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 81

7★क्लास एक्शन सूट क्या है? आजकल उपभोक्ता शिकायत किन तरीकों से दर्ज करा सकते हैं?

उत्तर देखिए

उपभोक्ताओं के समूह के रूप में दर्ज की गई शिकायत क्लास एक्शन सूट कहलाती है। आजकल उपभोक्ता एक व्यक्ति के रूप में या समूह के रूप में, ख़ुद जाकर या इंटरनेट के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं, और मुकदमे की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी हो सकती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 82

8★★उपभोक्ता संरक्षण परिषद् और उपभोक्ता आयोग में क्या अंतर है?

उत्तर देखिए

उपभोक्ता संरक्षण परिषद् उपभोक्ता आंदोलन से बने स्वयंसेवी संगठन हैं: ये बताते हैं कि मुकदमा कैसे दर्ज कराएँ, कई बार आयोगों में उपभोक्ता का प्रतिनिधित्व करते हैं, और जागरूकता के लिए सरकार से वित्तीय सहयोग पाते हैं। उपभोक्ता आयोग कोपरा के तहत ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बना न्यायिक तंत्र है, जो मुकदमे सुनकर फ़ैसला देता है। प्रकाश पहले परिषद् में सलाह लेने गए, फिर ज़िला स्तर के आयोग में मुकदमा किया।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 83, 84

9★मानकीकरण गुणवत्ता पक्की करता है, तो बाज़ार में बहुत-सी वस्तुएँ बिना आई.एस.आई. या एगमार्क के क्यों मिलती हैं?

उत्तर देखिए

गुणवत्ता संगठन बहुत-से उत्पादों के लिए मानदंड बनाते हैं, लेकिन “सभी उत्पादकों का इन मानदण्डों का पालन करना जरूरी नहीं होता।” प्रमाण केवल उन वस्तुओं के लिए अनिवार्य है जो उपभोक्ता की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर असर डालती हैं या बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती हैं, जैसे एल.पी.जी. सिलिंडर, खाने के रंग और उनकी सामग्री, सीमेंट और बोतलबंद पेयजल। बाकी वस्तुएँ बिना प्रमाण के भी बिक सकती हैं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 85

10★★आप शहद की एक बोतल और बिस्कुट का एक पैकेट खरीदते हैं। खरीदते समय आप कौन-सा लोगो या शब्द चिह्न देखेंगे और क्यों?

उत्तर देखिए

गुणवत्ता का प्रमाणक चिह्न देखिए, जैसे एगमार्क (किताब इसे अनाजों और खाद्य तेल का प्रमाण कहती है) या आई.एस.आई.; पोषक तत्व मिलाए गए हों, तो +F का चिह्न होता है। क्यों: संगठन लोगो लगाने की अनुमति तभी देते हैं, जब उत्पादक श्रेष्ठ गुणवत्ता का पालन करे, इसलिए ये चिह्न अच्छी गुणवत्ता का भरोसा दिलाते हैं। साथ ही पैकेट पर निर्माण की तारीख, अंतिम तिथि और MRP भी देखिए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80, 85, 87

खण्ड ङ — लघूत्तरीय प्रश्न (3 अंक) — 8 प्रश्न

1★★किन कारकों से उपभोक्ताओं का शोषण होता है? तीन बिंदुओं में लिखिए।

उत्तर देखिए
1

बिखरे उपभोक्ता, ताक़तवर उत्पादक —

उत्पादक थोड़े और शक्तिशाली होते हैं, जबकि उपभोक्ता कम मात्रा में खरीदते हैं और बिखरे हुए होते हैं; अधिक पूँजी वाली कंपनियाँ मीडिया और दूसरे स्रोतों से गलत सूचना भी फैलाती हैं।

2

अनुचित व्यापार —

दुकानदार उचित वज़न से कम तौलते हैं, व्यापारी पहले न बताए गए शुल्क जोड़ देते हैं, और मिलावटी या दोषपूर्ण वस्तुएँ बेची जाती हैं।

3

कमज़ोर निगरानी और कम जानकारी —

नियमों का पर्यवेक्षण ठीक से नहीं होता; ज़्यादातर खरीद पर रसीद नहीं मिलती और खरीद छोटी फुटकर दुकानों से होती है, इसलिए सबूत जुटाना कठिन है; और उपभोक्ता ज्ञान बहुत धीरे फैल रहा है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 76, 79, 86, 87

2★★भारत में उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत किन कारणों से हुई, और इसका विकास कैसे हुआ?

उत्तर देखिए
1

असंतोष और कानून की कमी —

विक्रेता कई अनुचित व्यावसायिक व्यवहारों में शामिल होते थे, और “बाज़ार में उपभोक्ता को शोषण से बचाने के लिए कोई कानूनी व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।” सावधानी की ज़िम्मेदारी खरीदने वाले की ही मानी जाती थी।

2

1960 के दशक में उदय —

अत्यधिक खाद्य कमी, जमाखोरी, कालाबाज़ारी और खाद्य पदार्थों व खाद्य तेल में मिलावट से आंदोलन एक ‘सामाजिक बल’ के रूप में व्यवस्थित हुआ।

3

विकास —

1970 के दशक तक उपभोक्ता संस्थाएँ आलेख लिखने और प्रदर्शनी लगाने लगीं और उपभोक्ता दल बने; आंदोलन ने कंपनियों और सरकार पर दबाव डाला, जिसका नतीजा 1986 का कोपरा था, जिसका 2019 में संशोधन हुआ।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 77, 78

3★★रेजी के मामले में क्या हुआ? न्याय पाने के लिए उसके पिता ने क्या किया, और यह किस अधिकार का उदाहरण है?

उत्तर देखिए
1

घटना —

कक्षा 9 का स्वस्थ लड़का रेजी केरल के एक निजी चिकित्सालय में टॉन्सिल निकलवाने भर्ती हुआ; अनुचित बेहोशी के कारण उसमें दिमागी असामान्यता के लक्षण आ गए, और वह जीवन भर के लिए अपंग हो गया।

2

शिकायत और अपील —

पिता ने राज्य आयोग (पृष्ठ 79 पर “समिति” छपा है; सही नाम आयोग है) में 5,00,000 रुपये के मुआवज़े का दावा किया; राज्य आयोग ने सबूत पर्याप्त न होने की बात कहकर मामला खारिज कर दिया। पिता ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयोग में अपील की, जिसने अस्पताल को लापरवाही का दोषी पाया और हर्जाना देने का निर्देश दिया।

3

अधिकार —

यह सुरक्षा के अधिकार का उदाहरण है: अस्पताल की सेवा भी उपभोक्ता को मिलने वाली सेवा है, और खतरनाक सेवा से सुरक्षित रहना उसका अधिकार है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 79

4★★अबिरामी का मामला क्या था? आयोगों ने क्या फ़ैसले दिए, और यह किस अधिकार से जुड़ा है?

उत्तर देखिए
1

घटना —

अबिरामी ने दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान के दो वर्ष के पाठ्यक्रम के लिए करीब 61,020 रुपये जमा किए। पढ़ाई का स्तर ठीक न होने से उसने साल के अंत में पाठ्यक्रम छोड़ दिया, पर एक साल का पैसा लौटाने से मना कर दिया गया।

2

फ़ैसले —

ज़िला आयोग ने 28,000 रुपये लौटाने का आदेश दिया। संस्थान ने राज्य आयोग में अपील की; राज्य आयोग ने ज़िला आयोग का आदेश बनाए रखा, बेकार की अपील के लिए 25,000 का दंड लगाया, और छात्रा को 7,000 रुपये मुआवज़ा और याचिका खर्च देने को कहा।

3

अधिकार —

छात्रा को चुनने का अधिकार है; सेवा पसंद न आने पर वह उसे छोड़ सकती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 81

5★★मनीऑर्डर न पहुँचने पर प्रकाश ने क्षतिपूर्ति पाने के लिए कौन-से कदम उठाए?

उत्तर देखिए
1

पूछताछ —

बेटी की शादी के लिए भेजा मनीऑर्डर महीनों बाद भी नहीं पहुँचा। प्रकाश ने पोस्ट-ऑफिस में पूछताछ की, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

2

सलाह और मुकदमा —

वे क्षेत्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद् में सलाह लेने गए, फिर नयी दिल्ली के ज़िला स्तर के आयोग में मुकदमा दर्ज किया; रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म लिया, और दूसरे पक्ष को नोटिस भेजा गया।

3

सुनवाई और फ़ैसला —

उन्होंने अपने मुकदमे पर स्वयं बहस की; जज ने दस्तावेज़ों का सत्यापन किया, दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और आयोग का फ़ैसला सुनाया।

! प्रकाश ने वकील नहीं रखा; आयोग में उपभोक्ता अपनी बात ख़ुद रख सकता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 82, 83

6★★किताब के अनुसार कोपरा के तहत उपभोक्ता विवाद निपटाने का त्रिस्तरीय तंत्र क्या है?

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1

ज़िला आयोग —

1 करोड़ तक के दावों से संबंधित मुकदमे देखता है; किताब ज़िला स्तर के प्राधिकरण को “उपभोक्ता आयोग विवाद निवारण केन्द्र” भी कहती है।

2

राज्य और राष्ट्रीय आयोग —

राज्य आयोग 1 करोड़ से 10 करोड़ तक के, और राष्ट्रीय आयोग 10 करोड़ से ऊपर के दावे देखता है।

3

अपील —

ज़िला आयोग में मुकदमा खारिज हो, तो उपभोक्ता राज्य आयोग में, और उसके बाद राष्ट्रीय आयोग में अपील कर सकता है; रेजी के पिता ने राज्य आयोग के बाद राष्ट्रीय आयोग में अपील की थी। इस तरह अधिनियम ने उपभोक्ता को प्रतिनिधित्व का अधिकार दिया है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 79, 84

7★2019 में कोपरा के संशोधन से क्या बदला? तीन बिंदु लिखिए।

उत्तर देखिए
1

इंटरनेट से खरीद —

उपभोक्ता के अधिकारों को मज़बूत करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से खरीद भी कानून में शामिल की गई।

2

ज़िम्मेदारी और दंड —

सेवा में कमी या दोषपूर्ण उत्पाद हो, तो सेवा प्रदाता और निर्माता ज़िम्मेदार ठहराए जाएँगे और दंडित होंगे; जेल भी हो सकती है।

3

मध्यस्थता —

आयोग के बाहर तटस्थ मध्यस्थ की सहायता से विवाद निपटाने को उपभोक्ता आयोग के तीनों स्तरों पर बढ़ावा दिया गया।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 78, 87

8★अपने क्षेत्र के बाज़ार में जाने पर उपभोक्ता के रूप में आपके कौन-से कर्त्तव्य हैं?

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1

रसीद —

हर खरीद पर रसीद माँगिए और सँभालकर रखिए, क्योंकि बिना रसीद सबूत जुटाना कठिन होता है।

2

जाँच —

पैकेट पर अवयव, निर्माण की तारीख, अंतिम तिथि और MRP देखिए; आई.एस.आई. जैसे गुणवत्ता के चिह्न जाँचिए; गैस सिलिंडर जैसी चीज़ का वज़न ख़ुद जाँचिए, और बाट की जगह पत्थर से तौलने का विरोध कीजिए।

3

आवाज़ उठाइए —

लुभाने वाले प्रस्तावों पर तुरंत मत रीझिए; ठगे जाने पर चुप मत रहिए, विक्रेता से शिकायत कीजिए और ज़रूरत हो तो उपभोक्ता आयोग जाइए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80, 82, 85, 86, 89

खण्ड च — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) — 6 प्रश्न

1★★कोपरा उपभोक्ता को कौन-से अधिकार देता है? किन्हीं पाँच अधिकारों को उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर देखिए

किताब के अनुसार कोपरा उपभोक्ता को छह अधिकार देता है: चयन (चुनने), सूचना, निवारण, प्रतिनिधित्व, सुरक्षा और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।

1

सुरक्षा का अधिकार —

जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षित रहने का अधिकार।

उदाहरण प्रेशर कूकर का सेफ्टी वॉल्व खराब हो तो भयंकर दुर्घटना हो सकती है; अस्पताल की लापरवाही से रेजी जीवन भर के लिए अपंग हो गया।

2

सूचना का अधिकार —

वस्तु के अवयव, मूल्य, बैच संख्या, निर्माण की तारीख, अंतिम तिथि और बनाने वाले का पता जानने का अधिकार।

उदाहरण दवा के साथ ‘उचित प्रयोग के बारे में निर्देश’ मिलते हैं; MRP से अधिक लेने पर कोई भी शिकायत कर सकता है।

3

चुनने का अधिकार —

किसी उपभोक्ता पर बिना चाही वस्तु या सेवा नहीं थोपी जा सकती।

उदाहरण दंतमंजन के साथ ज़बरदस्ती ब्रश; कोचिंग छोड़ने पर अबिरामी को ज़िला आयोग से 28,000 रुपये लौटाने का आदेश मिला।

4

क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार —

अनुचित सौदेबाज़ी और शोषण के विरुद्ध, “क्षति की मात्रा के आधार पर उसे क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार होता है।”

उदाहरण मनीऑर्डर न पहुँचने पर प्रकाश ने ज़िला स्तर के आयोग में मुकदमा दर्ज किया।

5

प्रतिनिधित्व का अधिकार —

उपभोक्ता न्यायालय में अपनी बात रखने का अधिकार; इसी के लिए ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय आयोग बने हैं।

उदाहरण प्रकाश ने आयोग में अपने मुकदमे पर स्वयं बहस की; उपभोक्ता संरक्षण परिषदें भी आयोगों में उपभोक्ता का प्रतिनिधित्व करती हैं।

निष्कर्ष ★ छठा अधिकार उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार है (पृष्ठ 86)। पृष्ठ 84 पर किताब कहती है: “एक जागरूक उपभोक्ता बनने के लिए निपुणता और ज्ञान प्राप्त करने की जरूरत होती है।” बाकी पाँच अधिकार तभी काम आते हैं, जब उपभोक्ता उन्हें जानता हो।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 79, 80, 81, 82, 83, 84, 86

2★★बाज़ार में नियमों तथा विनियमों की आवश्यकता क्यों पड़ती है? उदाहरणों के साथ पाँच बिंदुओं में समझाइए।

उत्तर देखिए

किताब कहती है कि बाज़ार में भी नियम चाहिए, क्योंकि “अकेला उपभोक्ता प्राय: स्वयं को कमजोर स्थिति में पाता है।”

1

विक्रेता ज़िम्मेदारी से बचता है —

शिकायत होने पर विक्रेता सारी ज़िम्मेदारी खरीदने वाले पर डाल देता है।

उदाहरण विक्रेता की आम प्रतिक्रिया: “आपने जो खरीदा है अगर वह पसंद नहीं है तो कहीं और जाइए।”

2

अनुचित व्यापार —

कई बार व्यापारी अनुचित तरीके अपनाते हैं।

उदाहरण दुकानदार उचित वज़न से कम तौलते हैं, व्यापारी पहले न बताए गए शुल्क जोड़ देते हैं, मिलावटी या दोषपूर्ण वस्तुएँ बेची जाती हैं।

3

ताक़तवर उत्पादक, बिखरे उपभोक्ता —

उत्पादक थोड़े और शक्तिशाली हैं, उपभोक्ता कम मात्रा में खरीदने वाले और बिखरे हुए।

उदाहरण अधिक पूँजी वाली बड़ी कंपनियाँ बाज़ार को प्रभावित करती हैं और मीडिया व दूसरे स्रोतों से गलत सूचना देती हैं।

4

झूठे दावे —

कंपनियाँ अपने उत्पाद के बारे में झूठे दावे कर सकती हैं।

उदाहरण एक कंपनी ने शिशुओं के दूध के पाउडर को सर्वाधिक वैज्ञानिक उत्पाद बताकर कई वर्षों तक पूरे विश्व में बेचा; कई वर्षों के संघर्ष के बाद उसे मानना पड़ा कि वह झूठे दावे करती आ रही थी।

5

सेहत का ख़तरा छिपाना —

नुकसान मनवाने में भी लंबी लड़ाई लगती है।

उदाहरण सिगरेट कंपनियों से यह मनवाने के लिए कि उनका उत्पाद कैंसर का कारण हो सकता है, न्यायालय में लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी।

निष्कर्ष ★ किताब का निष्कर्ष है: “अत: उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियम और विनियमों की आवश्यकता है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 76, 77

3★★उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 की ज़रूरत क्यों पड़ी? उपभोक्ताओं को समर्थ बनाने के लिए किताब में सरकार के कौन-से कानूनी उपाय दिए गए हैं? पाँच बिंदुओं में लिखिए।

उत्तर देखिए

पहले बाज़ार में उपभोक्ता को शोषण से बचाने की कोई कानूनी व्यवस्था नहीं थी, और सावधानी की ज़िम्मेदारी खरीदने वाले की मानी जाती थी। उपभोक्ता आंदोलन ने कंपनियों और सरकार पर दबाव डाला, और 1986 में सरकार ने कोपरा बनाकर बड़ा कदम उठाया।

1

कोपरा, 1986 और उसका संशोधन —

उपभोक्ता के अधिकारों को कानूनी आधार मिला; 2019 में इसका संशोधन हुआ।

उदाहरण संशोधन में इंटरनेट से खरीद शामिल हुई, और सेवा प्रदाता व निर्माता ज़िम्मेदार ठहराए गए, जेल तक हो सकती है।

2

त्रिस्तरीय आयोग —

ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक तंत्र, अपील की सुविधा के साथ।

उदाहरण किताब के अनुसार ज़िला आयोग 1 करोड़ तक, राज्य आयोग 1 करोड़ से 10 करोड़ तक, और राष्ट्रीय आयोग 10 करोड़ से ऊपर के दावे देखता है।

3

सूचना के नियम और RTI —

पैकेट पर ज़रूरी जानकारी छापना, और सरकारी विभागों से सूचना पाने का कानून।

उदाहरण पैकेट पर अवयव, अंतिम तिथि और MRP; सन् 2005 के अक्टूबर से RTI कानून, जिससे अमृता को नियुक्ति के लिए बुलावे का पत्र मिला।

4

अनिवार्य प्रमाण —

सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी वस्तुओं के लिए गुणवत्ता का प्रमाण अनिवार्य है।

उदाहरण एल.पी.जी. सिलिंडर, खाने के रंग और उनकी सामग्री, सीमेंट, बोतलबंद पेयजल।

5

आसान शिकायत —

शिकायत के नए तरीके।

उदाहरण समूह में शिकायत (क्लास एक्शन सूट), इंटरनेट से शिकायत, और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुकदमे की कार्यवाही।

निष्कर्ष ★ कोपरा के कारण केंद्र और राज्य सरकारों में उपभोक्ता मामलों के अलग विभाग बने, जो विज्ञापनों से लोगों को कानूनी प्रक्रिया के बारे में बताते हैं। पर किताब बताती है कि नियमों का प्राय: पालन नहीं होता, इसलिए ये उपाय ठीक से लागू होने पर ही उपभोक्ता समर्थ बनेंगे।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 77, 78, 80, 82, 84, 85, 87

4★★भारत में उपभोक्ता आंदोलन की प्रगति की समीक्षा कीजिए।

उत्तर देखिए

किताब के अनुसार भारत में उपभोक्ता आंदोलन ने कुछ तरक्की की है, पर कई कमियाँ अब भी हैं।

1

कानून बना और मज़बूत हुआ —

1960 के दशक में व्यवस्थित उदय से लेकर कानून तक का सफ़र।

उदाहरण 1986 में कोपरा बना, और 2019 में इसका संशोधन हुआ।

2

विशिष्ट न्यायालय —

भारत उन देशों में है, जहाँ उपभोक्ता समस्याओं के निवारण के लिए विशिष्ट न्यायालय हैं।

उदाहरण 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है, क्योंकि 1986 में इसी दिन संसद ने अधिनियम पारित किया था।

3

संगठन बढ़े, पर पूरे संगठित नहीं —

संगठित समूहों की संख्या बढ़ी है।

उदाहरण आज देश में 2000 से अधिक उपभोक्ता संगठन हैं, पर केवल 50–60 ही पूर्ण संगठित और मान्यता प्राप्त हैं।

4

कठिन प्रक्रिया —

शिकायत का रास्ता अब भी भारी है।

उदाहरण प्रक्रिया “जटिल, खर्चीली और समय साध्य” साबित हो रही है; कई बार वकील करना पड़ता है; रसीद न मिलने से सबूत जुटाना कठिन है, और ज़्यादातर खरीद छोटी फुटकर दुकानों से होती है।

5

धीमी जागरूकता —

उपभोक्ता ज्ञान अब भी कम है।

उदाहरण कोपरा के 35 वर्ष बाद भी उपभोक्ता ज्ञान बहुत धीरे-धीरे फैल रहा है, और नियमों का प्राय: पालन नहीं होता।

निष्कर्ष ★ शिकायत अब इंटरनेट से और समूह में भी हो सकती है, पर आंदोलन तभी प्रभावी होगा जब उपभोक्ता सक्रिय हों; किताब के अनुसार “स्वैच्छिक प्रयास और सबकी साझेदारी से युक्त संघर्ष की जरूरत है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 77, 78, 82, 86, 87

5★उपभोक्ता अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं? पाँच बिंदुओं में लिखिए।

उत्तर देखिए

अकेला उपभोक्ता बाज़ार में कमज़ोर पड़ता है, पर मिलकर उपभोक्ता विक्रेताओं, कंपनियों और सरकार से अपनी बात मनवा सकते हैं।

1

उपभोक्ता दल —

मिलकर बाज़ार पर नज़र रखना।

उदाहरण 1970 के दशक तक सड़क यात्री परिवहन की भीड़-भाड़ और राशन दुकानों के अनुचित कार्यों पर नज़र रखने के लिए उपभोक्ता दल बने।

2

उपभोक्ता संरक्षण परिषद् —

स्वयंसेवी संगठन, जो मुकदमे का रास्ता बताते हैं और आयोगों में उपभोक्ता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उदाहरण प्रकाश मुकदमे से पहले क्षेत्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद् में सलाह लेने गए।

3

निवासी कल्याण संघ —

कॉलोनी के लोग मिलकर एक-दूसरे का साथ देते हैं।

उदाहरण किसी सदस्य के साथ अनुचित व्यावसायिक कार्रवाई हो, तो संघ उसकी तरफ़ से मामला देखता है।

4

समूह में शिकायत —

कई उपभोक्ता एक साथ शिकायत कर सकते हैं।

उदाहरण समूह के रूप में की गई शिकायत क्लास एक्शन सूट कहलाती है।

5

मिलकर दबाव —

संगठित आंदोलन कंपनियों और सरकार पर दबाव डालता है।

उदाहरण इसी दबाव से 1986 में कोपरा बना; अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता इंटरनेशनल 100 से अधिक देशों की 200 संस्थाओं को जोड़ता है।

निष्कर्ष ★ किताब कहती है कि उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही आंदोलन प्रभावी हो सकता है, और इसके लिए “स्वैच्छिक प्रयास और सबकी साझेदारी से युक्त संघर्ष की जरूरत है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 77, 78, 82, 83, 84, 87

6★★दो उदाहरण देकर उपभोक्ता जागरूकता की ज़रूरत समझाइए। पाँच बिंदुओं में लिखिए।

उत्तर देखिए

किताब कहती है: “एक जागरूक उपभोक्ता बनने के लिए निपुणता और ज्ञान प्राप्त करने की जरूरत होती है।” अपने अधिकारों के प्रति सचेत उपभोक्ता ही अच्छे और बुरे में फ़र्क करके सबसे अच्छा चुनाव कर पाता है।

1

सही चुनाव —

जानकारी पढ़कर ही उपभोक्ता ठगी से बचता है।

उदाहरण पैकेट पर अंतिम तिथि और MRP देखने वाला उपभोक्ता पुराना माल या ज़्यादा दाम पहचान लेता है।

2

पहला उदाहरण: अमृता —

अपने अधिकार की जानकारी से उसे न्याय मिला।

उदाहरण सरकारी विभाग ने इंटरव्यू का परिणाम नहीं बताया; उसने RTI के तहत प्रार्थना-पत्र दिया, तो उसे देरी के कारण बताए गए और नियुक्ति के लिए बुलावे का पत्र भी मिला।

3

दूसरा उदाहरण: अबिरामी —

जागरूक छात्रा ने आयोग का दरवाज़ा खटखटाया।

उदाहरण कोचिंग संस्थान ने एक साल का पैसा लौटाने से मना किया; ज़िला आयोग ने 28,000 रुपये लौटाने का आदेश दिया।

4

गुणवत्ता की पहचान —

सभी उत्पादकों के लिए मानदंड मानना ज़रूरी नहीं है, इसलिए चिह्न पहचानना उपभोक्ता का काम है।

उदाहरण आई.एस.आई., एगमार्क और हॉलमार्क जैसे चिह्न अच्छी गुणवत्ता का भरोसा दिलाते हैं।

5

ज्ञान अब भी धीमा —

इसलिए सरकार भी जागरूकता फैलाती है।

उदाहरण उपभोक्ता मामलों के अलग विभाग विज्ञापनों से लोगों को जागरूक करते हैं, फिर भी कोपरा के 35 वर्ष बाद भी उपभोक्ता ज्ञान बहुत धीरे-धीरे फैल रहा है।

निष्कर्ष ★ जागरूकता न हो, तो लोग ठगे जाने को अपना दुर्भाग्य मानकर चुप रह जाते हैं; जागरूक उपभोक्ता अपने अधिकार का इस्तेमाल करके न्याय पाता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 80, 81, 84, 85, 87, 89

खण्ड छ — संख्यात्मक और तालिका-आधारित प्रश्न (3 अंक) — 5 प्रश्न

1★★अबिरामी का मामला:
दो वर्ष के पाठ्यक्रम के लिए जमा करीब 61,020 रुपये · ज़िला आयोग का आदेश: 28,000 रुपये लौटाइए · राज्य आयोग: 25,000 का दंड, और छात्रा को 7,000 रुपये मुआवज़ा और याचिका खर्च
(क) दोनों वर्षों की फ़ीस बराबर मानकर बताइए कि एक साल की फ़ीस कितनी हुई, और ज़िला आयोग का आदेश इससे कितना कम था। (ख) 28,000 रुपये कुल जमा रकम का लगभग कितने प्रतिशत है? (ग) राज्य आयोग के फ़ैसले के बाद संस्थान को छात्रा को कुल कितने रुपये देने थे, और यह किस अधिकार की जीत थी?

उत्तर देखिए

(क) 61,020 ÷ 2 = 30,510 रुपये एक साल की फ़ीस; 30,510 − 28,000 = 2,510 रुपये कम।

(ख) 28,000 ÷ 61,020 × 100 = लगभग 46 प्रतिशत।

(ग) 28,000 + 7,000 = 35,000 रुपये। यह चुनने के अधिकार की जीत थी: छात्रा को चुनने का अधिकार है।

! 25,000 का दंड इस जोड़ में मत मिलाइए; किताब इसे बेकार की अपील का दंड बताती है, और छात्रा को देने के लिए केवल 7,000 रुपये कहती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 81

2★★किताब के अनुसार उपभोक्ता आयोग और दावे की रकम:
ज़िला आयोग: 1 करोड़ तक · राज्य आयोग: 1 करोड़ से 10 करोड़ तक · राष्ट्रीय आयोग: 10 करोड़ से ऊपर
मान लीजिए तीन उपभोक्ताओं के दावे 80 लाख रुपये, 5 करोड़ रुपये और 15 करोड़ रुपये के हैं। (क) किताब के अनुसार हर दावा किस आयोग में जाएगा? (ख) राज्य आयोग की ऊपरी सीमा ज़िला आयोग की सीमा की कितनी गुना है? (ग) ज़िला आयोग में मुकदमा खारिज हो जाए, तो उपभोक्ता आगे क्या कर सकता है?

उत्तर देखिए

(क) 80 लाख रुपये 1 करोड़ (100 लाख) से कम है, इसलिए ज़िला आयोग; 5 करोड़ रुपये 1 करोड़ और 10 करोड़ के बीच है, इसलिए राज्य आयोग; 15 करोड़ रुपये 10 करोड़ से ऊपर है, इसलिए राष्ट्रीय आयोग।

(ख) 10 करोड़ ÷ 1 करोड़ = 10 गुना।

(ग) वह राज्य आयोग में, और उसके बाद राष्ट्रीय आयोग में अपील कर सकता है। रेजी के पिता ने राज्य आयोग के बाद दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयोग में अपील की थी।

! ज़िला आयोग की सीमा 1 करोड़ तक है, 10 करोड़ तक नहीं; 10 करोड़ राज्य आयोग की ऊपरी सीमा है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 79, 84

3★उपभोक्ता आंदोलन की समय-रेखा:
1960 के दशक · 1970 के दशक तक · 1985 · 1986 · सन् 2005 का अक्टूबर · 2019
(क) हर बिंदु के सामने किताब की घटना लिखिए। (ख) कोपरा बनने के कितने वर्ष बाद उसका संशोधन हुआ? (ग) RTI कानून कोपरा के कितने वर्ष बाद लागू हुआ?

उत्तर देखिए

(क) 1960 के दशक: भारत में उपभोक्ता आंदोलन का व्यवस्थित रूप में उदय। 1970 के दशक तक: उपभोक्ता संस्थाएँ आलेख लिखने और प्रदर्शनी लगाने लगीं, और उपभोक्ता दल बने। 1985: संयुक्त राष्ट्र ने उपभोक्ता सुरक्षा के दिशा-निर्देश अपनाए। 1986: कोपरा बना; 24 दिसंबर को संसद ने इसे पारित किया, इसलिए यह दिन राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस है। सन् 2005 का अक्टूबर: RTI कानून लागू हुआ। 2019: कोपरा का संशोधन, जिसमें इंटरनेट से खरीद भी शामिल हुई।

(ख) 2019 − 1986 = 33 वर्ष बाद। (पृष्ठ 87 का “कोपरा के अधिनियम के 35 वर्ष बाद भी” अलग गिनती है: 1986 + 35 = 2021, यानी वह 2019 से आगे तक की बात है।)

(ग) 2005 − 1986 = 19 वर्ष बाद।

! 1985 संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निर्देशों का वर्ष है और 1986 कोपरा का; दोनों को आपस में मत बदलिए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 77, 78, 80, 86, 87

4★उपभोक्ता संगठन, किताब के अनुसार:
देश में उपभोक्ता संगठन: 2000 से अधिक · पूर्ण संगठित और मान्यता प्राप्त: केवल 50–60
(क) संगठनों की संख्या 2000 मानकर बताइए कि मान्यता प्राप्त संगठन कितने प्रतिशत हैं। (ख) 2000 में से लगभग कितने संगठन पूर्ण संगठित और मान्यता प्राप्त नहीं हैं? (ग) इससे उपभोक्ता आंदोलन के बारे में क्या पता चलता है?

उत्तर देखिए

(क) 50 ÷ 2000 × 100 = 2.5 प्रतिशत; 60 ÷ 2000 × 100 = 3 प्रतिशत। यानी केवल 2.5 से 3 प्रतिशत। संगठन 2000 से अधिक हैं, इसलिए असली हिस्सा इससे भी कम है।

(ख) 2000 − 60 = 1,940 और 2000 − 50 = 1,950, यानी लगभग 1,940 से 1,950 संगठन।

(ग) संगठनों की संख्या में तरक्की हुई है, पर उनमें से बहुत थोड़े ही पूरी तरह संगठित और मान्यता प्राप्त हैं; साथ ही निवारण प्रक्रिया जटिल, खर्चीली और लंबी है। आंदोलन को अभी और मज़बूत होना है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 86

5★पृष्ठ 82 के दो विज्ञापन:
“प्रत्येक 500 ग्राम के पैक पर 15 ग्राम की अतिरिक्त छूट।” · “2000 रुपये तक का जूता खरीदें और 500 रुपये तक का एक जोड़ी जूता मुफ्त पाएँ।”
(क) पहले प्रस्ताव में कितने प्रतिशत अधिक माल मिलता है? (ख) 2000 रुपये का जूता खरीदने पर मुफ़्त जूते की अधिकतम कीमत, खर्च का कितने प्रतिशत है? (ग) ऐसे प्रस्ताव देखकर जागरूक उपभोक्ता क्या जाँचेगा?

उत्तर देखिए

(क) 15 ÷ 500 × 100 = 3 प्रतिशत अधिक माल, अगर दाम वही रहे।

(ख) 500 ÷ 2000 × 100 = 25 प्रतिशत, और यह अधिकतम है, क्योंकि मुफ़्त जूता “500 रुपये तक” का है।

(ग) वह पूछेगा कि क्या दाम वही है, क्या इनाम पक्का है या किस्मत पर टिका है (जैसे खुरचकर 10 लाख तक का इनाम), और क्या मुफ़्त चीज़ की कीमत पहले ही दाम में जुड़ी है। लुभाने वाले प्रस्ताव पर तुरंत रीझने के बजाय दाम की तुलना करेगा।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 5, पृष्ठ 82

उत्तर लिखने का तरीक़ा

अंकलंबाईकैसे लिखें
1 अंकएक वाक्यसीधे उत्तर
2 अंक30–40 शब्दउत्तर + कारण या उदाहरण
3 अंक60–80 शब्दतीन बिंदु, पूरे वाक्यों में
5 अंकलगभग 120 शब्दभूमिका + पाँच बिंदु + निष्कर्ष

★इस अध्याय के लिए तीन सलाह —

  1. किताब के शब्द लिखिए: उपभोक्ता आंदोलन, कोपरा, सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चुनने का अधिकार, क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार, प्रतिनिधित्व का अधिकार, उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार, ज़िला/राज्य/राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग, उपभोक्ता संरक्षण परिषद्, मानकीकरण, क्लास एक्शन सूट। पहले शब्द का अर्थ एक वाक्य में बताइए, फिर उदाहरण दीजिए।
  2. किताब के अपने उदाहरण लिखिए: रेजी (सुरक्षा), अमृता (RTI), अबिरामी (चुनना), प्रकाश (क्षतिपूर्ति), प्रेशर कूकर का सेफ्टी वॉल्व, दंतमंजन के साथ ब्रश, गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा, शिशुओं के दूध का पाउडर, सिगरेट कंपनियाँ।
  3. आँकड़े उनकी इकाई के साथ लिखिए: 1960 के दशक; 1985; 1986 (24 दिसंबर); सन् 2005 का अक्टूबर; 2019; 1 करोड़ तक, 1 करोड़ से 10 करोड़ तक, 10 करोड़ से ऊपर; 2000 से अधिक संगठन, केवल 50–60 मान्यता प्राप्त; 100 से अधिक देश, 200 संस्थाएँ; 35 वर्ष; 5,00,000 रुपये; करीब 61,020 रुपये और 28,000 रुपये।

तीन नमूना परीक्षा-पत्र

हर पत्र के सभी प्रश्नों के उत्तर इसी पन्ने के ऊपर के खण्डों में हैं। पहले बिना देखे लिखिए, फिर मिलाइए।

नमूना पत्र 1 (कुल 20 अंक)

प्र.प्रश्नअंक
1किताब के अनुसार 1960 के दशक में भारत में उपभोक्ता आंदोलन का व्यवस्थित रूप में उदय किन कारणों से हुआ?1
2रिक्त स्थान भरिए: ……… तक उपभोक्ता संस्थाएँ उपभोक्ता अधिकार से जुड़े आलेख लिखने और प्रदर्शनी लगाने का काम करने लगी थीं।1
3सही या ग़लत: कोपरा केवल सामानों पर लागू होता है।1
4सुरक्षा का अधिकार क्या है? प्रेशर कूकर का उदाहरण देकर समझाइए।2
5चुनने का अधिकार क्या है? किताब के दो उदाहरण दीजिए।2
6भारत में उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत किन कारणों से हुई, और इसका विकास कैसे हुआ?3
7कोपरा उपभोक्ता को कौन-से अधिकार देता है? किन्हीं पाँच अधिकारों को उदाहरण सहित समझाइए।5
8बाज़ार में नियमों तथा विनियमों की आवश्यकता क्यों पड़ती है? उदाहरणों के साथ पाँच बिंदुओं में समझाइए।5

नमूना पत्र 2 (कुल 20 अंक)

प्र.प्रश्नअंक
1किताब के अनुसार ज़िला उपभोक्ता आयोग कितनी रकम तक के दावों से संबंधित मुकदमे देखता है?1
2रिक्त स्थान भरिए: अबिरामी ने पूरे दो वर्ष के पाठ्यक्रम के लिए करीब ……… जमा किए थे।1
3सही या ग़लत: उपभोक्ता समस्याओं के निवारण की प्रक्रिया अत्यंत सरल और शीघ्र होती है।1
4उपभोक्ता इंटरनेशनल क्या है? 1985 का इससे क्या संबंध है?2
5उपभोक्ता संरक्षण परिषद् और उपभोक्ता आयोग में क्या अंतर है?2
6रेजी के मामले में क्या हुआ? न्याय पाने के लिए उसके पिता ने क्या किया, और यह किस अधिकार का उदाहरण है?3
7उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 की ज़रूरत क्यों पड़ी? उपभोक्ताओं को समर्थ बनाने के लिए किताब में सरकार के कौन-से कानूनी उपाय दिए गए हैं? पाँच बिंदुओं में लिखिए।5
8भारत में उपभोक्ता आंदोलन की प्रगति की समीक्षा कीजिए।5

नमूना पत्र 3 (कुल 20 अंक)

प्र.प्रश्नअंक
1दुकानदार कहता है कि दंतमंजन तभी मिलेगा, जब आप उसके साथ ब्रश भी खरीदेंगे। आप ब्रश नहीं लेना चाहते। आपके किस अधिकार का उल्लंघन हुआ?1
2रिक्त स्थान भरिए: कोपरा के ……… बाद भी भारत में उपभोक्ता ज्ञान बहुत धीरे-धीरे फैल रहा है।1
3सही या ग़लत: उपभोक्ता आयोग में मुकदमा लड़ने के लिए वकील रखना ज़रूरी है।1
4RTI कानून क्या है? अमृता को इससे क्या लाभ मिला?2
5आप शहद की एक बोतल और बिस्कुट का एक पैकेट खरीदते हैं। खरीदते समय आप कौन-सा लोगो या शब्द चिह्न देखेंगे और क्यों?2
6मनीऑर्डर न पहुँचने पर प्रकाश ने क्षतिपूर्ति पाने के लिए कौन-से कदम उठाए?3
7उपभोक्ता अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं? पाँच बिंदुओं में लिखिए।5
8दो उदाहरण देकर उपभोक्ता जागरूकता की ज़रूरत समझाइए। पाँच बिंदुओं में लिखिए।5